IND VS WI: भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मुकाबले के सीरीज का आखिरी मुकाबला कल 3 अक्टूबर को खेला जाएगा,. भारत सीरीज में 2-0 से आगे है. वहीं अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर ने भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर बोला है .गंभीर ने कहा कि गिल धीरे-धीरे ऐसे कप्तान बन रहे हैं, जो अपने गेंदबाजों को समझते हैं और उनका भरोसा जीत रहे हैं. बता दें शुभमन गिल ने सीरीज के दूसरे मुकाबले में 223 रनों की नाबाद पारी ने खूब सुर्खियां बटोरीं थी.
भारतीय कोच गंभीर ने कहा कि कप्तानी मिलने के बाद से शुभमन के खेल में भी सुधार हुआ है. वो सफेद गेंद के साथ-साथ लाल गेंद में भी शानदार कर रहे हैं. ड्रेसिंग रूम में गिल को खिलाड़ियों का सम्मान मिलता है और वह टीम उनकी बात सुनती है. गंभीर की माने तो कप्तान के लिए ये समझना जरूरी है कि गेंदबाजों के लिए मैदान पर हालात कितने मुश्किल हो सकते हैं. इसी वजह से उन्होंने गिल को धीरे-धीरे बॉलर्स का कप्तान बनता बताया.
युवा गेंदबाजों को मुश्किल मैच में क्यों उतारा
गौतम ने युवा गेंदबाज औकिब नबी और गुरनूर बराड़ को दूसरे वनडे में मौका देने के फैसले का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप 2027 की तैयारी के लिए युवा खिलाड़ियों को सिर्फ आसान मैचों में मौका देना काफी नहीं है. उन्हें प्रेशर वाले मैचों को भी खेलने का अनुभव होना चाहिए. बता दें कि दूसरे मुकाबले में गुरनूर ने 10 ओवर में 96 रन देकर 2 विकेट लिए थे. वहीं औकिब नबी ने अपना वनडे डेब्यू किया और 8.5 ओवर में 84 रन दिए. गुरनूर ने 10 ओवर में 96 रन देकर 2 विकेट लिए. वहीं औकिब नबी ने अपना वनडे डेब्यू किया और 8.5 ओवर में 84 रन दिए. भले ही आंकड़े उनके पक्ष में नहीं थे, लेकिन गंभीर का मानना है कि ऐसे मैच युवा गेंदबाजों को भविष्य के लिए जरूरी अनुभव देते हैं.
गुवाहाटी की पिच पर गंभीर की चिंता
दूसरे मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकार 800 से ज्यादा रन बनाए. जिसके बाद गंभीर ने गुवाहटी की पिच पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि गेंद और बल्ले के बीच मुकाबला बराबारी का होना चाहिए. गंभीर ने कहा कि गेंदबाजों और बल्लेबाजों का आकलन उनके विकेट और रन को देखकर नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह भी देखना चाहिए कि उसने मुश्किल हालात में अपनी योजना को कितनी अच्छी तरह लागू किया.भारत ने इस जीत के साथ वनडे सीरीज में 2-0 से बढट बना ली.