रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3,034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां जब्त की हैं. इससे रिलायंस अनिल अंबानी समूह (RAG) से जुड़े मामलों में कुल जब्ती 19,344 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है. इसमें बैंक और सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है.
ईडी ने बयान जारी कर बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाले कानून धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5 के तहत यह कार्रवाई की गई है, ताकि संपत्तियों को बेचे या छिपाए जाने से रोका जा सके और बैंकों व जनता के हित सुरक्षित रहें.
यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर दर्ज की गई थीं. इन शिकायतों में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी आरकॉम समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है.
देश-विदेश के बैंकों से लिया था लोन
आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देश-विदेश के बैंकों से लोन लिया था, जिसमें कुल 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं. जांच में पता चला है कि प्रमोटर ग्रुप की कुछ संपत्तियां जैसे मुंबई के उषा किरण बिल्डिंग में फ्लैट, पुणे के खंडाला में फार्महाउस और अहमदाबाद के साणंद में जमीन शामिल हैं.
इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी जब्त किए गए हैं, जो राइजी इंफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास थे. यह कंपनी अनिल अंबानी के परिवार से जुड़ी एक ट्रस्ट का हिस्सा है. राइजी ट्रस्ट को परिवार की संपत्ति सुरक्षित रखने और उसे व्यक्तिगत कर्ज की जिम्मेदारियों से बचाने के लिए बनाया गया था.
अनिल अंबानी परिवार के उपयोग के लिए थीं संपत्तियां
बयान में कहा गया है कि ये संपत्तियां अनिल अंबानी परिवार के उपयोग के लिए थीं, जबकि जिन बैंकों का पैसा फंसा हुआ है, उन्हें इसका फायदा नहीं मिल रहा था.
पीएमएलए की धारा 8 के तहत, जब्त संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सही दावेदारों को वापस दिया जा सकता है, जिसमें नुकसान उठाने वाले बैंक भी शामिल हैं. इसका मतलब है कि इन संपत्तियों को सुरक्षित रखकर बाद में बैंकों और जनता का पैसा वापस दिलाया जा सकता है.
ईडी ने कहा कि वह देश की वित्तीय व्यवस्था को सुरक्षित रखने और जनता के पैसे की रक्षा करने के लिए ऐसी कार्रवाई करता रहेगा. बयान में आगे कहा गया है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है.