हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व सहपाठी असगर अली वोहरा ने उनसे मुलाकात की. मुलाकात के दौरान उन्होंने संपत्ति विवाद में PM से मदद की मांग की.
बता दें कि गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असगर अली वोहरा एक ही कक्षा में पढ़ते थे. 81 वर्षीय वोहरा ने आरोप लगाया है कि 2011 में उनकी संपत्ति पर अतिक्रमण किया गया था.
क्या है संपत्ति विवाद
असगर अली वोहरा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान संपत्ति विवाद में मदद मांगी. उन्होंने बताया कि 2011 में उनकी संपत्ति पर अतिक्रमण किया गया था. उन्होंने अपने आरोपों में स्वयं बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस का नाम लिया है. वोहरा ने यह भी आरोप लगाया है कि संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़ जाली थे और मूल मालिक को घटनाक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी. वोहरा के अनुसार, विवाद भायंदर पूर्व के नवघर में लगभग 2,810 वर्ग मीटर जमीन से संबंधित है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 1989 में एक पंजीकृत समझौते के माध्यम से यह संपत्ति खरीदी थी.
प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, वोहरा ने उनसे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया और कहा कि वह कई वर्षों से विभिन्न सरकारी एजेंसियों और पुलिस के माध्यम से भूमि विवाद को आगे बढ़ा रहे हैं. वोहरा ने पीएम से मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच का अनुरोध किया.
स्थानीय प्रशासन फिर दे रहा ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद स्थानीय प्रशासन ने इस मामले पर फिर से ध्यान देना शुरू कर दिया है. अब इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है, जिसमें स्वयं बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस के प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. इन आरोपों में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता का नाम भी विवाद में घसीटा गया है, वोहरा का कहना है कि मेहता और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस के बीच संबंध है.
इस विवाद के संबंध में 2015 में एक पुलिस मामला दर्ज किया गया था. वोहरा ने कहा कि शिकायत के बावजूद, उन्होंने समाधान की मांग करते हुए राजस्व अधिकारियों, नगर प्रशासन और पुलिस विभागों से संपर्क करना जारी रखा. वोहरा ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात से लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी.