देश की रक्षा में असाधारण साहस और वीरता दिखाने वाले सैन्यकर्मियों के लिए मिलने वाली खास सुविधाओं में अब एक अहम अपडेट सामने आया है. सेना मेडल (वीरता), नौ सेना मेडल (वीरता) और वायु सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित पात्र सैन्यकर्मियों और तय शर्तों के तहत उनके परिवार के सदस्यों को भारतीय रेलवे में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है. अब इस सुविधा का लाभ लेने की प्रक्रिया को और आसान बनाया जा रहा है.
आपको बता दें कि पात्र लाभार्थियों के लिए कागजी प्रक्रिया को खत्म कर ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की जा रही है. आखिर यह नई व्यवस्था क्या है, कब से शुरू होगी और पात्र लोगों को इसका लाभ कैसे मिलेगा? आइए जानते हैं…
1 नवंबर से IRCTC पर टिकट बुकिंग
सरकारी स्वीकृति के क्रियान्वयन के लिए अब एक सुविधाजनक और कागजरहित डिजिटल प्रक्रिया शुरू की गई है. पात्र लाभार्थी भारतीय रेलवे छूट कार्ड पोर्टल (IRCCP) की आधिकारिक वेबसाइट irccp.indianrail.gov.in/IRCCP पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. पंजीकरण के बाद Authentication के जरिए लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद पात्र लोगों के लिए ऑनलाइन e-Pass जारी किए जाएंगे. इन e-Pass के आधार पर IRCTC वेब पोर्टल के माध्यम से टिकट बुकिंग की जा सकेगी, जिसकी शुरुआत 1 नवंबर 2026 से होगी.
16 मार्च 2026 को जारी हुआ था आदेश
यह सितंबर 2026 में हुआ कोई नया फैसला नहीं है. इस सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण आदेश 16 मार्च 2026 को जारी किया गया था. सेना मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में वीरता पुरस्कार पाने वालों के लिए रेल यात्रा की सुविधा का उल्लेख किया गया था.
किन पुरस्कार विजेताओं को मिलेगा लाभ?
यह सुविधा इन तीन वीरता पुरस्कारों के विजेताओं के लिए है:
- सेना मेडल (वीरता)
- नौ सेना मेडल (वीरता)
- वायु सेना मेडल (वीरता)
Note: यहां यह समझना जरूरी है कि सुविधा इन पुरस्कारों की वीरता श्रेणी से जुड़े विजेताओं के लिए है.
किन श्रेणियों में कर सकेंगे मुफ्त यात्रा?
पात्र पुरस्कार विजेताओं को भारतीय रेलवे में प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और वातानुकूलित चेयर कार में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. इसका मतलब है कि पात्र सैन्यकर्मी इन श्रेणियों में रेल यात्रा करते समय इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे. यात्रा संबंधित रेलवे नियमों और निर्धारित पात्रता के अनुसार होगी.
जीवनसाथी को भी मिलेगा लाभ
इस सुविधा में पुरस्कार विजेता के जीवनसाथी को भी शामिल किया गया है. हालांकि, यदि पुरस्कार विजेता की मृत्यु हो चुकी है, तो उनकी विधवा या विधुर को यह सुविधा पुनर्विवाह नहीं करने तक मिलती रहेगी. यानी जीवनसाथी के लिए सुविधा जारी रहने को लेकर एक स्पष्ट शर्त रखी गई है.
अविवाहित मरणोपरांत पुरस्कार विजेताओं के माता-पिता भी पात्र
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाले अविवाहित सैन्यकर्मियों के माता-पिता से जुड़ा है. यदि किसी सैन्यकर्मी को अविवाहित रहते हुए मरणोपरांत वीरता पुरस्कार दिया गया है, तो तय नियमों के तहत उसके माता-पिता भी जीवनभर मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.