<
Categories: देश

Rakhigarhi Grave Couple Mystery: लव कपल ने खुशी-खुशी क्यों लगाया था मौत को गले? 5000 साल बाद खुला रहस्य

Rakhigarhi Grave Couple Mystery: हिसार के राखीगढ़ी में 5000 साल के बाद खोदाई में कपल का कंकाल मिला. मुस्कुराता हुआ कंकाल कई रहस्यों को जन्म दे गया.

Rakhigarhi Grave Couple Mystery: सभ्यताओं के जन्म और विकास की कहानी बहुत ही दिलचस्प है. भले ही कई दशकों की कोशिशों से इतिहासकारों और पुरातत्वविदों ने सभ्यताओं की संरचना और विकास के बारे में कई जानकारियां हासिल की हैं, लेकिन अब भी कई रहस्य हैं, जिन्हें खोजना बाकी है. करीब एक दशक पहले ही हड़प्पाकालीन की सबसे बड़ी साइट राखीगढ़ी को लेकर (5000 वर्ष पुरानी सभ्यता) कई रहस्य सामने आए थे, हालांकि सभ्यता के कई राज़ अब भी धरती में दफन हैं. करीब 10 साल पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग राखीगढ़ी में खोदाई के दौरान कई छिपे रहस्यों (Harappa grave couple reveals secrets) को उजागर किया था, जिसको लेकर अब भी चर्चा होती है.  

क्या है राखीगढ़ी से मिले कपल के कंकाल का रहस्य

2600-1900 ईसा पूर्व हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) बहुत ही विकसित कांस्ययुगीन सभ्यता थी. करीब एक दशक पहले हरियाणा के हिसार जिले के राखीगढ़ी में हुई हड़प्पाकालीन सभ्यता की खोदाई में कई रहस्यों का खुलासा हुआ था, जिससे हड़प्‍पाकालीन सभ्‍यता के बारे में कई नई जानकारियां मिलीं. खोदाई में 2 नर कंगाल भी मिले थे. इसके बाद इतिहासकारों ने अनुमान लगाया कि हड़प्‍पा काल में प्रेम का विस्‍तृत संसार था यानी प्रेम करना सामान्य था.

 इतिहासकारों ने खोदाई में मिले कंकालों में पाया था कि इसमें पुरुष अपनी महिला साथी को निहार रहा है. इस दौरान दूरी नहीं थी. कहा जा रहा है कि हड़प्पाकालीन सभ्यता के दौरान प्रेम संकुचित नहीं था और लोग खुले आम प्यार करते रहे होंगे. यह अलग बात है कि कुछ इतिहासकारों का यह भी कहना था कि यह ऑनर किलिंग का भी मामला हो सकता है, लेकिन मुस्कुराता हुआ कंकाल इस तर्क को झुठलाता है. 

कपल के कई अंग समान

राखीगढ़ी में खोदाई करनेवाले पुरातत्वविदों ने पाया कि Love in the Harappan Age girl boy ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि दोनों को युवावस्था में एक साथ दफनाया हो. करीब एक दशक पहले इस निष्कर्ष को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका, एसीबी जर्नल ऑफ अनैटमी और सेल बायॉलजी में प्रकाशित किया गया था. 

नहीं पता चला मुस्कुराने का रहस्य

पुरातत्‍वविदों ने पाया था कि कंगाल यानी पुरुष की लंबाई पांच फीट छह इंच थी, जबकि महिला की लंबाई पांच फीट दो इंच थी. यह माना गया कि दोनों की मौत एक ही समय पर हुई है. इसमें तर्क दिया गया था कि संभवतया दोनों की मौत एक साथ हुई हो. किसी प्राकृतिक हादसे में, मसलन भूकंप अथवा अन्य कोई हादसा. यह भी हो सकता है कि सामान्य मौत के बाद दोनों को दफनाया गया हो. 

मौत को लेकर सामने आए कई तर्क

एक तर्क भी भी दिया गया कि दोनों को एक साथ दफन किया गया हो, जिससे उनकी मौत हुई हो. इसका मतलब अगर प्राकृतिक आपदा नहीं हुई है तो दोनों को जिंदा ही दफनाया गया. महिला और पुरुष की मौत चाहे जैसी हुई हो, लेकिन हैरत तो इस बात की है कि दोनों मौत के समय मुस्कुरा रहे थे. ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या दोनों की मौत ऐसे समय में हुई जब दोनों उस अनहोनी से अनजान थे. 

कैसे पता चला महिला और पुरुष के बारे में

राखीगढ़ी में खोदाई के दौरान एक कब्र मिली थी. यहां पर यानी कब्र में मिट्टी के बर्तन और एक झालरवाली अकीक की गुरियां बरामद हुई थीं. पुरातत्‍वविदों का अनुमान है कि गुरियां युगल में से महिला के हार का हिस्सा थी. महिला और पुरुष के कंकालों को फील्ड सर्वे के बाद डेकन कॉलेज की लैब में जांच के लिए भेजा गया था. यहां पर कंकालों का लिंग पैल्विक का अध्ययन किया गया. अध्ययन में पाया गया कि जिस दौरान महिला और पुरुष की मौत हुई उस दौरान दोनों की उम्र उम्र 21 से 35 साल के बीच रही होगी.

हिसार के राखीगढ़ी में हड़प्‍पा खोदाई का काम करने वाले पुणे के डेक्कन कॉलेज के पुरातत्वविदों ने अपने अध्ययन में पाया था कि खोदाई के दौरान युवक का कंकाल यानी उसका मुंह युवती की ओर था दरअसल, युवती और युवक दोनों का मुंह एक-दूसरी ओर था. हड़प्पा सभ्यता की खोदाई के दौरान पहली बार पुरातत्वविदों को किसी युगल की कब्र मिली है. हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भी कई दफा हड़प्पा सभ्यता से जुड़े रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए संबंधित कई कब्रिस्तानों की जांच और खोदाई की गई. बावजूद इसके किसी भी युगल के इस तरह दफनाने का मामला सामने नहीं आया था. 

जलाने का नहीं दफनाने का था चलन

युवक-युवती के इस तरह मिलने से इस सवाल का जवाब आसानी से मिल सकता है कि हड़प्पाकालीन सभ्यता में मौत के बाद जलाने का चलन नहीं था, बल्कि  दफनाने को महत्व मिलता था. सवाल यह भी है  कि अगर ऐसा है तो जीवाश्म ईधन इन इलाकों में भी मिलना चाहिए था. संभवतया जलाने और दफनाने दोनों का चलन रहा हो और जलाने का चलन अधिक हो. यही वजह है कि यहां पर जीवाश्म ईंधन नहीं पाया गया.  

पति की मौत के बाद विधवा को दफनाया गया

उस दौरान खोदाई और विश्लेषण का कार्य विश्‍वविद्यालय के पुरातत्व विभाग और इंस्टिट्यूट ऑफ फरेंसिक साइंस, सोल नेशनल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन की ओर से किया गया. पूर्व लोथल (गुजरात) में खोजे गए एक हड़प्पा युगल कब्र को माना गया था कि महिला विधवा थी और उसे अपने पति की मौत के बाद दफनाया गया था.  इसका मतलब यह है कि उस समय सती प्रथा जैसा नियम था. इसके तहत पति की मौत के बाद पत्नी को उसके साथ मौत दे दी जाती थी. 

दोनों के बीच था प्रेम संबंध

इतिहास तर्कों से अधिक तथ्यों की पुष्टि पर निर्भर करता है. ऐसे में पुरातत्वविदों का मानना है कि जिस अवस्था में महिला और पुरुष का कंकाल मिला था वह स्थिति बताती है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था. कंगालों का चेहरा एक-दूसरे के समक्ष था और दोनों उस दौरान मुस्कुरा रहे थे. मौत के दौरान मुस्कान का रहस्य यही है कि दोनों को अपनी मृत्यु का अंदाजा नहीं रहा होगा. इतिहासकारों का यह भी तर्क है कि दफनाने से पहले उन्होंने इच्छा जताई होगी कि दफनाने के बाद भी उनका प्यार बना रहे. ऐसे में मौत के बाद दोनों के पोज का चयन किया गया. यह पहला मामला था जब हड़प्पा कब्रिस्तान में महिला-पुरुष का कंकाल ऐसी अवस्था में पाया गया. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

Recent Posts

टेंशन में काव्या मारन, जिस पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदा, वह टीम छोड़ने की कगार पर

पाकिस्तान के स्टार स्पिनर अबरार अहमद 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स के लिए खेल पाएंगे…

Last Updated: July 4, 2026 18:21:28 IST

मित्राज सार्वजनिक इंस्टीट्यूट में धन्यवाद समारोह, टाइम कैप्सूल व वृक्षारोपण

सूरत (गुजरात) [भारत],4 जुलाई: मित्राज सार्वजनिक इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन, प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (MS-IDPT), सार्वजनिक विश्वविद्यालय…

Last Updated: July 4, 2026 16:52:18 IST

सार्वजनिक विश्वविद्यालय ने पाँचवीं वर्षगांठ पर माहभर विविध आयोजनों से रचा नया इतिहास

सूरत (गुजरात) [भारत],4 जुलाई: सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी द्वारा स्थापित सार्वजनिक विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के…

Last Updated: July 4, 2026 16:37:12 IST

IND vs ENG: वैभव सूर्यवंशी IN, तिलक वर्मा OUT… दूसरे टी20 में कैसी होगी भारत की प्लेइंग XI?

IND vs ENG 2nd T20I Playing XI: भारत बनाम इंग्लैंड के दूसरे टी20 मुकाबले में…

Last Updated: July 4, 2026 12:47:34 IST

युद्ध का असर सूरत रियल एस्टेट पर, निर्माण लागत बढ़ने से महंगे होंगे फ्लैट

सूरत (गुजरात) [भारत],3 जुलाई: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब सूरत…

Last Updated: July 3, 2026 18:52:16 IST