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‘यह कैसी आजादी है?’ छात्र नेता Devendra Nath Mahto की पुलिस से झड़प, कार्यक्रम में जाने से रोका

Devendra Nath Mahto: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया.

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Last Updated: August 15, 2026 15:44:56 IST

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Devendra Nath Mahto: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और पुलिस के बीच झड़प का मामला सामने आया है. महतो का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया. इस दौरान पुलिस और उनके बीच धक्का-मुक्की भी हुई. महतो ने दावा किया कि इस झड़प में उनकी छाती में चोट लगी है. 

जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से जुड़े हैं और पिछले कुछ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. वह 2 अगस्त से भूख हड़ताल कर रहे हैं. फिलहाल उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

तिरंगा यात्रा में जाना चाहते थे महतो

कहा जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा का कार्यक्रम रखा गया था. महतो भी इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे. जब उन्होंने अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें एक सुरक्षा अधिकारी महतो का रास्ता रोकता नजर आ रहा है. वहीं, महतो बाहर जाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. मौके पर मौजूद JLKM के कार्यकर्ता पुलिस अधिकारी से उन्हें कार्यक्रम में जाने देने की अपील करते नजर आए. पुलिस की ओर से महतो को आराम करने की बात कही गई. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हो गई.

‘यह कैसी आजादी है?’

घटना से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था. उन्होंने बताया था कि उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहता है, तो उसे ऐसा करने से क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने इसे लेकर सवाल किया कि आखिर यह कैसी आजादी है.

परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन

देवेंद्र नाथ महतो और उनके समर्थक झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की ओर से आयोजित कुछ भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर रांची में विधानसभा घेराव मार्च भी निकाला गया था. इस दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था. आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई थी. इसके बाद महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

CM सोरेन ने किया वादा

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं का भरोसा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है. सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था को समझने के लिए ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ पहल भी शुरू की है.

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Devendra Nath Mahto: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और पुलिस के बीच झड़प का मामला सामने आया है. महतो का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया. इस दौरान पुलिस और उनके बीच धक्का-मुक्की भी हुई. महतो ने दावा किया कि इस झड़प में उनकी छाती में चोट लगी है. 

जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से जुड़े हैं और पिछले कुछ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. वह 2 अगस्त से भूख हड़ताल कर रहे हैं. फिलहाल उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

तिरंगा यात्रा में जाना चाहते थे महतो

कहा जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा का कार्यक्रम रखा गया था. महतो भी इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे. जब उन्होंने अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें एक सुरक्षा अधिकारी महतो का रास्ता रोकता नजर आ रहा है. वहीं, महतो बाहर जाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. मौके पर मौजूद JLKM के कार्यकर्ता पुलिस अधिकारी से उन्हें कार्यक्रम में जाने देने की अपील करते नजर आए. पुलिस की ओर से महतो को आराम करने की बात कही गई. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हो गई.

‘यह कैसी आजादी है?’

घटना से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था. उन्होंने बताया था कि उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहता है, तो उसे ऐसा करने से क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने इसे लेकर सवाल किया कि आखिर यह कैसी आजादी है.

परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन

देवेंद्र नाथ महतो और उनके समर्थक झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की ओर से आयोजित कुछ भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर रांची में विधानसभा घेराव मार्च भी निकाला गया था. इस दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था. आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई थी. इसके बाद महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

CM सोरेन ने किया वादा

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं का भरोसा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है. सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था को समझने के लिए ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ पहल भी शुरू की है.

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