बेंगलुरु पुलिस ने एक कपड़े के टैग की मदद से एक ऐसे हत्या कांड को सुलझा लिया है, जो एक मिस्टीरियस केस बना हुआ था. पुलिस ने उस टैग की मदद से एक दुकान का पता लगाया और फिर एक खाली जगह पर गद्दे में लिपटी हुई 28 वर्षीय महिला की सड़ी-गली लाश की पहचान की.
खबरों के मुताबिक, शव 2 सितंबर को अग्रहारा लेआउट में मिला, जब सफाई कर्मचारियों का एक समूह इलाके से घनी वनस्पति हटा रहा था. शव बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया. पुलिस ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया तो उन्हें कपड़ों पर एक टैग मिला, जिससे पुलिस को पहली अहम जानकारी मिली.
पुलिस ने कैसे की महिला की पहचान
पुलिस के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कपड़ों पर लगे टैग के आधार पर उस मॉल का पता लगाया जहां महिला ने कथित तौर पर कपड़े खरीदे थे. खरीद के विवरण से अंततः महिला की पहचान स्थापित करने में मदद मिली. महिला की पहचान ओडिशा की निवासी अनुसूया बेहरा के रूप में हुई.
विशेष जांच दल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “उसके कपड़ों पर लगे टैग की मदद से हमने उस दुकान का पता लगाया जहां से उसने खरीदारी की थी और उसकी संपर्क जानकारी प्राप्त की, जिससे हमें उसके पति सागर चंद्र रावत (32) का पता लगाने में मदद मिली, जो ओडिशा का ही मूल निवासी है.” इसके बाद जांच का रुख उसके पति सागर चंद्र रावत की ओर मुड़ गया. पुलिस ने रावत को 9 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि शव मिलने से लगभग एक महीने पहले हत्या की गई थी.
दंपति के बीच अक्सर होते थे झगड़े
जांचकर्ताओं के अनुसार, अनुसूया और रावत बेंगलुरु में साथ रहते थे. दोनों होटलों में काम करते थे, जबकि रावत रसोई पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थे. पुलिस ने बताया कि दंपति के बीच अक्सर आर्थिक मुद्दों को लेकर झगड़े होते थे. 11 अगस्त को अनुसूया कथित तौर पर उस होटल में गई जहां रावत काम करता था. बताया जाता है कि उसने रावत से उसकी तनख्वाह को लेकर बहस की. बाद में एमएस नगर स्थित उनके किराए के घर में भी बहस जारी रही. पुलिस का आरोप है कि रावत ने बहस के दौरान महिला का गला घोंट दिया. जांच में आगे पता चला कि कथित हत्या के बाद क्या हुआ.
तीन दिनों तक घर के अंदर रखा रहा शव
पुलिस के मुताबिक, रावत ने कथित तौर पर अनुसूया के शव को तीन दिनों तक घर के अंदर रखा. फिर उसने शव को गद्दे में लपेटकर रस्सी से बांध दिया. पुलिस ने बताया कि बाद में वह गद्दे को घर से करीब 500 मीटर दूर एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां झाड़ियाँ उग आई थीं. शव को ठिकाने लगाने की यह घटना बरसात की रात में घटी. जांचकर्ताओं का मानना है कि खराब मौसम ने उसे बिना किसी का ध्यान खींचे गद्दे को हटाने में मदद की. पुलिस ने बताया कि उसने कथित तौर पर ऐसा दिखाया जैसे वह सिर्फ एक पुराने गद्दे को फेंक रहा हो.
महिला का फोन कर दिया स्विच ऑफ
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि रावत ने अनुसूया के लापता होने के बारे में झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की. कथित अपराध के बाद, उसने अनुसूया का फोन बंद कर दिया. उसने कथित तौर पर अनुसूया के परिवार को यह भी बताया कि अनुसूया किसी के साथ भाग गई है और उसका पता नहीं चल पा रहा है. खबरों के मुताबिक, इस स्पष्टीकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि जांचकर्ताओं ने दंपति के रिश्ते और उनके हालिया झगड़ों की गहराई से जांच की. दंपति के बीच कथित तौर पर बार-बार होने वाले झगड़ों के बारे में पता चलने के बाद पुलिस का ध्यान आखिरकार रावत पर केंद्रित हो गया.
पुलिस ने बताया कि रावत के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने हत्या और शव को ठिकाने लगाने की बात कबूल कर ली है.