Kanwar Yatra Traffic Advisory: गुरुवार को सावन का महीना शुरू होने के साथ ही सालाना कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है. इस दौरान हरिद्वार में चार करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली में ट्रैफिक पर पाबंदियां लागू कर दी गई हैं. हर साल भगवान शिव के भक्त गंगा नदी से जल लेने के लिए अलग-अलग राज्यों से सैकड़ों किलोमीटर का सफर करके हरिद्वार और आस-पास की जगहों पर आते हैं.
इसके बाद वे इस जल को अपने कस्बों और गांवों के शिव मंदिरों में ले जाकर ‘जलाभिषेक’ (धार्मिक रीति-रिवाज से जल चढ़ाना) करते हैं.
ट्रैफिक पर पाबंदियां लागू
कांवड़ यात्रा से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अहम जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. गुरुवार (30 जुलाई) को जारी एक ट्रैफिक एडवाइजरी में दिल्ली पुलिस ने कहा कि कांवड़ियों की आवाजाही और कांवड़ कैंप लगने की वजह से दिल्ली के पश्चिमी इलाके की कई सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. प्रभावित होने वाली सड़कों में नजफगढ़ फिरनी रोड, रोहतक रोड, पंखा रोड, देव प्रकाश शास्त्री मार्ग, नांगलोई-नजफगढ़ रोड और आउटर रिंग रोड शामिल हैं.
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उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक पर पाबंदियां लागू
अधिकारियों ने पहले बताया था कि सालाना कांवड़ यात्रा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से ट्रैफ़िक पर पाबंदियां लागू की गई हैं. अधिकारियों ने यात्रा के लिए घाटों पर मेडिकल सुविधाएं, CCTV निगरानी और खास राहत टीमें तैनात की हैं. रास्ते से शराब की दुकानें और नॉन-वेज खाने की दुकानें भी हटा दी गई हैं. ट्रैफिक पाबंदियों का असर दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा पर पड़ सकता है. रास्ते में बदलाव (डायवर्जन) के कारण यात्रियों को ज्यादा समय लग सकता है और बस व टैक्सी का किराया भी बढ़ सकता है.
गाजियाबाद में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू
गाजियाबाद में कमिश्नरेट पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक चरणबद्ध ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है. अधिकारियों ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि बुधवार सुबह से ही दिल्ली से शहर में आने वाले भारी मालवाहक वाहनों पर रोक लगा दी गई है और उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए डायवर्ट किया जा रहा है.
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