Lenskart Hijab: लेंसकार्ट की ऑफिस पॉलिसी का एक डोक्यूमेंट काफी वायरल हो रहा है, जिसके बाद कंपनी के संस्थापक ने पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने कंपनी की ग्रूमिंग पॉलिसी में "भाषा की चूक" को स्वीकार किया और और वायरल दस्तावेज़ को पुराना बताकर खारिज कर दिया.
लेंसकार्ट के CEO ने मांगी माफी
Lenskart Hijab: लेंसकार्ट की ऑफिस पॉलिसी का एक डोक्यूमेंट काफी वायरल हो रहा है, जिसके बाद कंपनी के संस्थापक ने पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने कंपनी की ग्रूमिंग पॉलिसी में “भाषा की चूक” को स्वीकार किया और और वायरल दस्तावेज़ को पुराना बताकर खारिज कर दिया.
इस वायरल दस्तावेज में कर्मचारियों के ‘बिंदी और तिलक’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को धारण कर ऑफिस न आने की बात कही गयी थी, जबकि हिजाब और पगड़ी जैसे अन्य धार्मिक प्रतीकों पर कुछ नहीं कहा गया था. इस दस्तावेज की वजह से लेंसकार्ट को काफी ट्रोल किया जा रहा है.
कंपनी के एक वायरल दस्तावेज़ में कहा गया है कि “धार्मिक टीका/तिलक और बिंदी/स्टिकर की अनुमति नहीं है”, जबकि कर्मचारियों को काले रंग की पगड़ी और हिजाब पहनने की अनुमति दी गई है. 2 फरवरी, 2026 की तारीख वाले स्टाइल गाइड के एक अन्य संस्करण में कथित तौर पर दिखाई देने वाले सिंदूर और कलावा धागे पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. बंसल ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में ग्रूमिंग पॉलिसी में कई बार संशोधन किया है, और वर्तमान में ऑनलाइन प्रसारित हो रहा संस्करण पुराना है.
पीयूष बंसल ने X पर लिखा, “हमारी नीति में बिंदी और तिलक सहित किसी भी प्रकार की धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं है, और हम नियमित रूप से अपने दिशानिर्देशों की समीक्षा करते रहते हैं. प्रसारित दस्तावेज़ कंपनी के वर्तमान दिशानिर्देशों को प्रतिबिंबित नहीं करता है.”
उन्होंने लिखा, “हम एक कंपनी के रूप में निरंतर सीखते और विकास करते रहते हैं. हमारी भाषा या नीतियों में किसी भी प्रकार की चूक को दूर किया गया है और आगे भी किया जाता रहेगा. इस स्थिति से उत्पन्न भ्रम और चिंता के लिए हम क्षमा चाहते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं. लेंसकार्ट किसी भी प्रकार की धार्मिक अभिव्यक्ति को प्रतिबंधित नहीं करता है और न ही कभी करेगा. इसमें बिंदी, तिलक या आस्था के ऐसे कोई भी प्रतीक शामिल हैं.” उन्होंने इस चूक के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि संस्थापक और सीईओ होने के नाते उन्हें इस समस्या को पहले ही पहचान कर ठीक कर लेना चाहिए था. एक अन्य पोस्ट में बंसल ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान दस्तावेज़ एक पुराना आंतरिक दस्तावेज़ है और आधिकारिक मानव संसाधन नीति नहीं है. उन्होंने बताया कि दस्तावेज़ में बिंदी और तिलक का गलत उल्लेख है, जो दिशा-निर्देशों का हिस्सा नहीं होना चाहिए था.
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