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पीएम मोदी का वीडियो रिस्ट्रिक्ट करने के बाद बुरा फंसा Meta, MeitY ने टॉप ग्लोबल अधिकारियों को किया तलब

Meity Summoned Meta: मेटा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो हटा दिया था. जिसको लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के ग्लोबल हेड और कंपनी के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है.

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Last Updated: July 28, 2026 13:31:46 IST

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Meity Summoned Meta: मेटा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस वीडियो को बहाल कर दिया है, जिसे फेसबुक से हटा दिया गया था. कंपनी ने आज यानी मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी खराबी के कारण गलती से यह वीडियो हटा दिया गया था. इससे पहले यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर उपलब्ध नहीं था, जिससे सवाल उठने लगे थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह वीडियो 23 जुलाई को जारी किया था. इसमें उन्होंने जेन-जी (Gen-Z) और छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा के पेपर लीक होने के मामलों में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कंपनी को किया तलब

इस बीच, समाचार एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के ग्लोबल हेड और कंपनी के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है.

यह भी पढ़ें – राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर सुप्रीम कोर्ट की पैनी नजर, नई SIT के साथ फोरेंसिक ऑडिट भी होगा

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

23 जुलाई की आधी रात को अपने एक्स हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो संदेश पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए चिंताजनक है. इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं. दोषियों को पकड़ लिया गया है और वे जेल में हैं. यह हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो. इसलिए हमने कम समय में 22 लाख छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित की. नतीजे भी 19 जुलाई को घोषित कर दिए गए.

पीएम मोदी ने हाईपावर टास्क फोर्स का किया गठन

नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के एक दिन बाद 26 जुलाई को पीएम मोदी ने परीक्षा में सुधार के लिए एक हाईपावर टास्क फोर्स का गठन किया था. इस टीम में 6 सदस्यों को शामिल किया गया था और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को चेयरमैन बनाया गया है. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाम करीब 7 बजे इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज के माध्यम से यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है और जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला है, वे जेल में हैं.

यह भी पढ़ें – ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों के लिए मांगी गई फांसी की सजा, आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का मामला

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Meity Summoned Meta: मेटा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस वीडियो को बहाल कर दिया है, जिसे फेसबुक से हटा दिया गया था. कंपनी ने आज यानी मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी खराबी के कारण गलती से यह वीडियो हटा दिया गया था. इससे पहले यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर उपलब्ध नहीं था, जिससे सवाल उठने लगे थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह वीडियो 23 जुलाई को जारी किया था. इसमें उन्होंने जेन-जी (Gen-Z) और छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा के पेपर लीक होने के मामलों में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कंपनी को किया तलब

इस बीच, समाचार एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के ग्लोबल हेड और कंपनी के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है.

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पीएम मोदी ने क्या कहा था?

23 जुलाई की आधी रात को अपने एक्स हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो संदेश पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए चिंताजनक है. इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं. दोषियों को पकड़ लिया गया है और वे जेल में हैं. यह हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो. इसलिए हमने कम समय में 22 लाख छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित की. नतीजे भी 19 जुलाई को घोषित कर दिए गए.

पीएम मोदी ने हाईपावर टास्क फोर्स का किया गठन

नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के एक दिन बाद 26 जुलाई को पीएम मोदी ने परीक्षा में सुधार के लिए एक हाईपावर टास्क फोर्स का गठन किया था. इस टीम में 6 सदस्यों को शामिल किया गया था और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को चेयरमैन बनाया गया है. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाम करीब 7 बजे इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज के माध्यम से यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है और जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला है, वे जेल में हैं.

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