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Home > देश > मोहाली में कैदियों की रिहाई को लेकर उग्र प्रदर्शन, बैरिकेडिंग हटाने पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार

मोहाली में कैदियों की रिहाई को लेकर उग्र प्रदर्शन, बैरिकेडिंग हटाने पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार

Mohali protest: मोहाली में कौमी इंसाफ मोर्चा ने जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को उग्र प्रदर्शन किया. राज्यपाल भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की. स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर मोहाली-चंडीगढ़ सीमा और राज्यपाल आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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Last Updated: August 15, 2026 15:50:00 IST

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Mohali protest: पंजाब के मोहाली में शनिवार को जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने लगे. प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में की गई बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की. प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली-चंडीगढ़ सीमा समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

राज्यपाल भवन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य जेलों में लंबे समय से बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए पहले से ही कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी. प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड हटाने का प्रयास किया तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की. इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली बॉर्डर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.

1980 और 1990 के दशक से जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग

प्रदर्शनकारी 1980 और 1990 के दशक से देश की अलग-अलग जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों के मामलों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए. इसी मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से प्रदर्शन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को देखते हुए शहर के दक्षिणी हिस्से में जेल रोड और यादविंद्रा पब्लिक स्कूल रोड के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ की ओर आगे न बढ़ सकें.

राज्यपाल के आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवास के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. राज्यपाल के आवास की तरफ जाने वाली दोनों सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल के परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए जाने के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो, इसके लिए उनके संभावित मार्ग पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हो चुकी है झड़प

कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिशों के दौरान पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 8 फरवरी 2023 को प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की ओर मार्च करने से रोके जाने के बाद सेक्टर 52/53 की डिवाइडिंग रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. उस दौरान कम से कम 33 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. घटना के बाद यूटी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जबकि करीब 30 लोगों को संदिग्धों की सूची में रखा गया था. इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई मौकों पर हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आती रही हैं.

YPS चौक पर लंबे समय से जारी है प्रदर्शन

कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन मोहाली में लंबे समय से चल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने 7 जनवरी 2023 से यादविंद्रा पब्लिक स्कूल यानी YPS चौक को अवरुद्ध कर रखा है और वहां टेंट लगाए हुए हैं. इसी जगह से प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. शनिवार को प्रदर्शनकारियों के राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और प्रशासन की चुनौती बढ़ गई. स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पहले से ही चंडीगढ़ और मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है. ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस ने संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है. फिलहाल पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है. प्रशासन की प्राथमिकता स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना और किसी भी संभावित टकराव की स्थिति को नियंत्रित करना है.

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Last Updated: August 15, 2026 15:50:00 IST

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Mohali protest: पंजाब के मोहाली में शनिवार को जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने लगे. प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में की गई बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की. प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली-चंडीगढ़ सीमा समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

राज्यपाल भवन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य जेलों में लंबे समय से बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए पहले से ही कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी. प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड हटाने का प्रयास किया तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की. इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली बॉर्डर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.

1980 और 1990 के दशक से जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की मांग

प्रदर्शनकारी 1980 और 1990 के दशक से देश की अलग-अलग जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों के मामलों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए. इसी मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से प्रदर्शन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को देखते हुए शहर के दक्षिणी हिस्से में जेल रोड और यादविंद्रा पब्लिक स्कूल रोड के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ की ओर आगे न बढ़ सकें.

राज्यपाल के आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवास के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. राज्यपाल के आवास की तरफ जाने वाली दोनों सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल के परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए जाने के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो, इसके लिए उनके संभावित मार्ग पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हो चुकी है झड़प

कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिशों के दौरान पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 8 फरवरी 2023 को प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की ओर मार्च करने से रोके जाने के बाद सेक्टर 52/53 की डिवाइडिंग रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. उस दौरान कम से कम 33 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. घटना के बाद यूटी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जबकि करीब 30 लोगों को संदिग्धों की सूची में रखा गया था. इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई मौकों पर हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आती रही हैं.

YPS चौक पर लंबे समय से जारी है प्रदर्शन

कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन मोहाली में लंबे समय से चल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने 7 जनवरी 2023 से यादविंद्रा पब्लिक स्कूल यानी YPS चौक को अवरुद्ध कर रखा है और वहां टेंट लगाए हुए हैं. इसी जगह से प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. शनिवार को प्रदर्शनकारियों के राज्यपाल भवन की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और प्रशासन की चुनौती बढ़ गई. स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पहले से ही चंडीगढ़ और मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है. ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस ने संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है. फिलहाल पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है. प्रशासन की प्राथमिकता स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना और किसी भी संभावित टकराव की स्थिति को नियंत्रित करना है.

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