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Rahul Gandhi Controversial Statement: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कटाक्ष किया. उनके एक बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. राहुल के बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी शुरू हो गई.
राहुल गांधी ने सरकार से महिला आरक्षण विधेयक 2023 को दोबारा पेश करने की मांग की और कहा कि विपक्ष इसे तुरंत लागू करने में पूरा सहयोग करेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शक्ति और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की असली मंशा तो यही लगती है.
क्या दिया राहुल गांधी ने बयान?
राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपको बगीचे की कहानी फिर से बताता हूं. दादी ने कहा था, सुनो राहुल, मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो. अंधेरे में असली ताकत है. यह एक अच्छा राजनीतिक सबक है. वास्तविक शक्ति गुप्त रूप से कार्य करती है और प्रकट नहीं होती. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि हर कोई जानता है कि हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच साझेदारी है. इस पर NDA सांसद हंगामा करने लगे. राहुल ने कहा कि मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा. मैंने पीएम का नाम नहीं लिया. सर, ये पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छुपी हुई है. यह शक्ति जादू के पूरे इतिहास में छिपी हुई है. उनके यहां आने के बाद से यही चल रहा है.
राजनाथ ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की
राजनाथ ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंद करते हुए कहा कि इस देश के पीएम के संबंध में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए. इस देश की जनता ने उन्हें पीएम बनाया है. राहुल द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर किया जाना चाहिए और राहुल को माफी मांगनी चाहिए.
ऑपरेशन सिंदूर का उठा मुद्दा
रिजिजू ने कहा कि हमें राहुल के भाषण पर कोई आपत्ति नहीं है. उनका कहना है कि ऑपरेशन सिन्दूर एक जादू था, वे इसका मजाक उड़ा रहे हैं. इसे जादू कहते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा है कि हम भी कह रहे हैं कि भाषण नियमों के तहत दिया जाना चाहिए. बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत है. पीएम आपका या मेरा नहीं है. स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्दों को हटा दिया. राहुल ने फिर बोलना शुरू किया, उन्होंने कहा, दरअसल बीजेपी के अंदर असमंजस चल रहा है. स्पीकर ने राहुल को बैठने के लिए कहा.
जातीय जनगणना को लेकर भी सवाल उठे
सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने जाति जनगणना के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि केवल जातिगत जनगणना शुरू करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या इसका इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए किया जाएगा. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अगले कई वर्षों तक जाति जनगणना को प्रतिनिधित्व से अलग रखने की योजना बना रही है, जो सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है.