Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गाड़ी की चेकिंग के दौरान पुलिस की लापरवाही का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. आरोप है कि चेकिंग के समय पुलिस की देखरेख में खड़ी एक स्कूटी को एक अनजान युवक लेकर चला गया. इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता का कहना है कि स्कूटी की चाबी पुलिस के पास थी और एक पुलिस अधिकारी ने वह चाबी उस अनजान युवक को दे दी.
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं. पीड़ित पक्ष ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से शिकायत हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है.
अनजान युवक को दे दी चाबी
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 जुलाई को रात करीब 8 बजे भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे पर हुई. शिकायतकर्ता नदीम आलम ने आरोप लगाते हुए बताया कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने गाड़ी की चेकिंग के दौरान उनकी सुजुकी बर्गमैन स्कूटी को रोका. इसके अलावा, उनका कहना है कि चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने स्कूटी की चाबी अपने पास रख ली और गाड़ी वहीं खड़ी रही. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके कुछ ही देर बाद मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने चाबी एक अनजान युवक को दे दी.
युवक स्कूटी लेकर हुआ फरार
इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि उस युवक ने बिना किसी रुकावट के स्कूटी स्टार्ट की और मौके से भाग गया. नदीम आलम के मुताबिक, जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपनी स्कूटी वापस मांगी तो पता चला कि गाड़ी गायब है. उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
पीड़ित उठा रहा सवाल
पीड़ित सवाल उठाता है कि गाड़ी किसी और के हाथ में कैसे चली गई और अगर चाबी पुलिस की कस्टडी में थी तो वह व्यक्ति उसे चलाकर कैसे ले गया? घटना के बाद नदीम आलम ने भोपाल पुलिस कमिश्नर के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और जल्द से जल्द अपनी स्कूटी वापस पाने की मांग की है. इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पूरी घटना सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है.
सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग की
शिकायतकर्ता ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से पूरी घटना का सच सामने आ सकता है. इस घटना के सामने आने के बाद गाड़ी की चेकिंग के दौरान पुलिस की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अगर जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही साबित होते हैं तो इसे ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही का मामला माना जा सकता है. फिलहाल इस मामले पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप कितने सच हैं और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है?