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Sachin Tendulkar Palghar Visit: भारत रत्न से सम्मानित मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के साथ-साथ सोशल फील्ड में भी उतने ही एक्टिव रहते हैं. सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन हर साल कई सोशल एक्टिविटीज़ करता है. इसी तरह, मुंबई से थोड़ी दूरी पर पालघर के गुहिर गांव में एक क्लाइमेट स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत, वाडा तालुका के गुहिर गांव में 130 परिवारों को घरेलू इस्तेमाल और खेती के लिए सोलर से फ्री बिजली और पानी दिया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन समारोह में सचिन तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक मौजूद थे. सचिन तेंदुलकर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से गांव वालों को बहुत राहत मिलेगी. लेकिन इन सब चीजों से परे जिस जिस ने सबका ध्यान आकर्षित किया वो है क्लास 4 की एक आदिवासी लड़की, जिसने पूरे कॉन्फिडेंस से भरी स्पीच सचिन तेंदुलकर के सामने दी.
स्पीच सुन सचिन ने बच्ची को गले लगाया और तारीफ की
पालघर के गुहिर गांव में आज एक इमोशनल और इंस्पायरिंग पल देखने को मिला. क्लास 4 की एक आदिवासी लड़की ने ‘मास्टर ब्लास्टर’ भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के सामने कॉन्फिडेंस से भरी स्पीच दी, जिसने सबका दिल जीत लिया. सचिन तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और सानिया तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के ज़रिए गांव के 130 घरों के लिए सोलर पैनल प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, प्रोग्राम का असली अट्रैक्शन उस युवा स्टूडेंट की असरदार स्पीच थी. उसकी स्पीच से खुश होकर, सचिन तेंदुलकर ने स्टेज पर उसे गले लगाया और दिल से उसकी तारीफ की. उन्होंने यकीन जताया कि गांव के इलाकों में ऐसा टैलेंट छिपा है और कल का देश बनाने वाले युवा यहीं से पैदा होंगे.
गांव वाले दूसरी पारी खेलना चाहते हैं
क्लाइमेट चेंज के संकट को देखते हुए, सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने गांव के इलाकों को सोलर एनर्जी और मॉडर्न सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘क्लाइमेट स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट’ शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन मंगलवार को गुहिर गांव में सचिन तेंदुलकर ने किया. इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने कहा, हमने पहली पारी खेल ली है, अब गांव वालों को ज़िम्मेदारी की दूसरी पारी खेलनी चाहिए. सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया और स्प्रेडिंग हैप्पीनेस इन दीया फाउंडेशन गुहिर गांव में इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए एक साथ आए हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत गांव में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाने, सस्टेनेबल खेती को बढ़ावा देने और गांव की इकॉनमी को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया जाएगा.
सचिन ने कहा, ‘हमने सुविधाएं देकर अपनी पहली पारी पूरी कर ली है, लेकिन इन सुविधाओं को बनाए रखने और गांव को डेवलप करने की दूसरी पारी अब गांव वालों के हाथ में है.’ गुहिर गांव में यह बदलाव सिर्फ़ एक ज़िले के लिए ही नहीं बल्कि मुंबई, महाराष्ट्र और पूरे देश के लिए एक मॉडल होगा. इससे लोकल लोगों की इनकम बढ़ेगी और एनवायरनमेंट का बैलेंस भी बना रहेगा. इस पहल के तहत, गांववालों को सोलर पैनल और दूसरी ज़रूरी मॉडर्न सुविधाएं दी जाएंगी.