Z+ Security: भारत की सरकार द्वारा कई राजनेताओं, सेलेब्रिटीज, बिजनेसमैन और VVIPs को सुरक्षा प्रदान की जाती है. अक्सर आपने देखा होगा कि कमांडो और पुलिस कर्मियों का घेरा कैसे चारों तरफ से घेरकर चलता है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इन्हें ये सिक्योरिटी कैसे मिलती है? इसका प्रोसेस क्या है?
Z+ Security: बुलेटप्रूफ गाड़ियां, कमांडो और करोड़ों का खर्च.....आखिर कैसे तय होता है VVIP सुरक्षा का पैमाना
Difference between X, Y, Z and Z+ Security: आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा में राघव चड्ढा को राज्य सभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान की आप सरकार ने राधव चड्ढा की Z+ श्रेणी की सिक्योरिटी भी वापस ले ली गई है. 37 वर्षीय चड्ढा को आम आदमी पार्टी (पंजाब) के सह प्रभारी, सांसद और राज्यसभा में उपनेता के नाते ये सुविधा दी जा रही थी, हालांकि गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दोबारा सुरक्षा प्रदान की गई.
राघव चड्ढा के अलावा भी देश में कई राजनेताओं, सेलेब्रिटीज और बिजनेसमैन्स को ये सिक्योरिटी प्रदान की जा रही है. यहां आपको बताएंगे कि इन लोगों के दी जा रही Z+, Z, Y+, Y, X सिक्योरिटी में क्या-क्या सुविधाएं शामिल हैं और इस सुविधा खर्च कौन उठाता है, सरकार का या स्वयं वो व्यक्ति.
भारत सरकार की ओर से Z+, Z, Y+, Y, और X श्रेणी की सुरक्षा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को खतरे की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिसके आधार पर ये सिक्योरिटी प्रदान की जाती है. इन सिक्योरिटी टीम में SPG, NSG, ITBP और CRPF कमांड शामिल होती हैं.
जेड प्लस सिक्योरिटी को सबसे अव्वल दर्जे की सुरक्षा सेवा मानते हैं. इस टीम में 10 से अधिक एनएसजी कमांडो और पुलिस कर्मियों के साथ समेत 55 ट्रेंड जवान तैनात शामिल होते हैं. हर एक सुरक्षा टीम में आधुनिक हथियार और मार्शल आर्ट स्पेशलिस्ट भी होता है.
Z+ के बाद Z सुरक्षा को दूसरी सबसे सुरक्षित कमान बताया जाता है, जिसमें 6 NSG कमांडो और पुलिस कर्मियों समेत 22 जवान तैनात किए जाजते हैं. इसमें दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के जवान शामिल होते हैं.
वाई प्लस सुरक्षा घेरे में 11 सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाते हैं, जिसमें 1 या 2 कमांडो और 2 पीएसओ होते हैं. इस टीम में पुलिस कर्मियों की टुकड़ी सुरक्षा प्रदान करती है.
Y+ के बाद Y सिक्योरिटी आती है, जिसमें 1 से 2 कमांडो और पुलिस कर्मियों समेत 8 जवान सुरक्षा कवच बनके साथ रहते हैं.
X लेवल की सिक्योरिटी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर की ओर से प्रदान की जाती है, जिसमें 2 सशस्त्र पुलिस बल के कर्मी तैनात होते हैं.
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