मिलिए ऑस्ट्रिया की वेरोनिका से, जिसने वो कर दिखाया जो वैज्ञानिकों के अनुसार नामुमकिन था! आखिर इस गाय की चालाकी ने विज्ञान को क्यों हैरान कर दिया? जानने के लिए पढ़ें...
ऑस्ट्रिया के एक शांत पहाड़ी गांव में रहने वाली वेरोनिका नाम की एक भूरी गाय ने कुछ ऐसा किया है जो पहले किसी गाय ने नहीं किया. वैज्ञानिकों के अनुसार, वह पहली गाय है जिसने औजारों का इस्तेमाल करना सीखा है, और इस व्यवहार को वैज्ञानिक रूप से डॉक्यूमेंट किया गया है. वेरोनिका लकड़ी की छड़ियों, रेक और डेक ब्रश जैसी चीज़ों का इस्तेमाल खुद को ठीक उसी जगह खुजलाने के लिए करती है जहाँ उसे खुजली होती है. यह व्यवहार गायों की बुद्धिमत्ता के बारे में पहले से बनी धारणाओं को तोड़ता है.
वेरोनिका सिर्फ़ किसी भी चीज़ से खुद को नहीं रगड़ती. वह अपनी जीभ से एक औजार उठाती है उसे अपने मुँह में मज़बूती से पकड़ती है, और फिर उसे अपने शरीर के सही हिस्से पर ले जाती है. अगर उसकी पीठ में खुजली होती है, तो वह ब्रश के खुरदुरे हिस्से का इस्तेमाल करती है, और अगर उसके पेट जैसे नाज़ुक हिस्से में खुजली होती है, तो वह चिकने हैंडल का इस्तेमाल करती है. यह साफ़ दिखाता है कि वह जानबूझकर अपने औजार चुनती है.
वियना यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेटरनरी मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने अपना रिसर्च जर्नल करंट बायोलॉजी में पब्लिश किया। उनके अनुसार, किसी जानवर द्वारा किसी खास मकसद के लिए किसी चीज़ का जानबूझकर इस्तेमाल करना औजार का इस्तेमाल माना जाता है. वेरोनिका इस परिभाषा में पूरी तरह फिट बैठती है. इंसान लगभग 10,000 सालों से गायों के साथ रह रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी गाय में ऐसा व्यवहार रिकॉर्ड किया गया है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि वेरोनिका के इलाके में गर्मियों में बहुत सारी मक्खियाँ होती हैं, जो उसे परेशान करती हैं. लगातार खुजली से छुटकारा पाने के लिए, उसने औजारों का इस्तेमाल करना सीखा. उसके मालिक के अनुसार, उसने तीन साल की उम्र में छड़ियों के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी तकनीक को बेहतर बनाया.
वैज्ञानिकों ने वेरोनिका का टेस्ट कैसे किया? रिसर्च के दौरान, वैज्ञानिकों ने ज़मीन पर अलग-अलग जगहों पर ब्रश रखे और देखा कि वेरोनिका क्या करती है. उन्होंने पाया कि वह कुशलता से अपनी जीभ से ब्रश उठाती है, उसे सही दिशा में घुमाती है, और फिर उसे अपने शरीर पर रगड़ती है. दर्जनों एक्सपेरिमेंट के बाद, यह साफ़ हो गया कि यह व्यवहार पूरी तरह से कंट्रोल में और जानबूझकर किया गया था. वैज्ञानिकों का कहना है कि वेरोनिका कोई सुपर गाय नहीं है, बल्कि उसे ऐसे हालात दिए गए जहाँ वह अपनी काबिलियत दिखा सके. खुले चरागाह, औजारों की उपलब्धता और आज़ादी ने उसे सीखने का मौका दिया.
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