Imran Khan Death Fact Check: पिछले कई महीनों से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बारे में सबसे जरूरी सवाल यह रहा है कि क्या वह जल्द ही जेल से बाहर आ पाएंगे. महीनों पहले रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनकी मौत की अफवाहों के बाद इमरान खान की सेहत को लेकर सवाल फिर से उठने लगे हैं. क्या क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान जिंदा भी हैं?
पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान के दावे ने जेल में बंद पूर्व पीएम की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका में रहने वाले एमी-नॉमिनेटेड पत्रकार ने दावा किया है कि “तीन सीनियर मिलिट्री सोर्स ने उन्हें बताया कि उन्हें लगता है कि इमरान की जेल में मौत हो गई होगी”.
इमरान खान से परिवार को मिलने से रोका
वजाहत का दावा एक बहुत ही मुश्किल समय में आया है. मंगलवार को इमरान खान के परिवार और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) पार्टी के साथियों ने शिकायत की कि उनकी सेहत को लेकर चिंताओं के बीच उन्हें पूर्व पीएम से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
खैबर पख्तूनख्वा के सीएम और पीटीआई लीडर सोहेल अफरीदी ने दावा किया है कि “20 लाख से ज़्यादा लोग सड़कों पर उतरने को तैयार थे” और चेतावनी दी कि सीडीएफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की हाइब्रिड सरकार के लिए “पाकिस्तान के युवाओं के गुस्से को काबू करना नामुमकिन हो सकता है”. पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर एक लंबे मार्च का ऐलान किया है, साथ ही धमकी दी है कि अगर इमरान के परिवार और डॉक्टरों को मिलने से रोका जाता रहा तो उससे पहले भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे.
देश के बाहर से दबाव
पाकिस्तानी सरकार पर देश के बाहर से भी दबाव आ रहा है. 13 अमेरिकी सांसदों के एक ग्रुप ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो को लिखा है जिसमें उनसे इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की हिरासत की शर्तों को सीधे इस्लामाबाद के सामने उठाने को कहा है. उनके लेटर में UN के स्पेशल रिपोर्टर की इमरान की लंबी एकांत कैद और उनकी सेहत से जुड़े आरोपों पर चिंताओं का ज़िक्र है.
इन सब बातों ने मिलकर एक खतरनाक मिक्सचर बना दिया है. एक मौत का दावा है जिसकी पुष्टि नहीं हुई है. एक परिवार मिलने की मांग कर रहा है. खान की हिरासत की हालत और पीटीआई लीडरशिप की 20 लाख लोगों को इस्लामाबाद की सड़कों पर लाने की धमकी को लेकर इंटरनेशनल लेवल पर चिंता है.
इमरान खान जेल में क्यों हैं?
पूर्व पीएम इमरान खान 5 अगस्त, 2023 से जेल में हैं, और अभी £190 मिलियन के अल-कादिर ट्रस्ट करप्शन केस में 14 साल की सज़ा काट रहे हैं. उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जनवरी 2025 में इसी केस में सात साल की सज़ा सुनाई गई थी. दोनों ने अपनी सज़ा को चुनौती दी है. इमरान पर 9 मई, 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े पेंडिंग ट्रायल भी चल रहे हैं, जहां पीटीआई सपोर्टर्स ने पूरे पाकिस्तान में आर्मी की जगहों (गैरीसन, आउटपोस्ट) पर हमला किया था.
बहन ने क्या कहा?
खान तीन साल से ज़्यादा समय से कैदी हैं उनके बारे में यह भी अफवाह थी कि पिछले साल नवंबर में जेल में उनकी मौत हो गई थी, क्योंकि उनके परिवार और पार्टी के साथी उनसे मिलने और उनकी सेहत का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे. उन अफवाहों पर कुछ हफ़्ते बाद 2 दिसंबर को तब विराम लग गया, जब उनकी बहन उज़मा खानम ने अदियाला जेल में खान से मुलाकात की और कहा कि वह शारीरिक रूप से ठीक हैं, हालांकि उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है.
कैसे फैली अफवाह?
इमरान खान की सेहत को लेकर अटकलों का नया दौर पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने शुरू किया. 10 अगस्त को अपने चैनल पर पोस्ट किए गए एक YouTube वीडियो के मुताबिक, वजाहत सईद खान ने कहा, “यह हमारी रिपोर्टिंग है. हमने यह रिपोर्टिंग GHQ में मौजूद सीनियर अधिकारियों से की है. यह कम से कम तीन अधिकारियों का नज़रिया है. यह एक पर्सनल नज़रिया है, उन्होंने अपनी आँखों से कुछ नहीं देखा है, इसलिए यह कन्फर्म नहीं है. रावलपिंडी में GHQ, या जनरल हेडक्वार्टर, पाकिस्तान आर्मी का कमांड हेडक्वार्टर और उसकी मिलिट्री लीडरशिप का नर्व सेंटर है.
वजाहत सईद खान ने कहा कि “जनरल हेडक्वार्टर, के तीन सीनियर अधिकारियों ने अलग-अलग तरीकों से यह कहा है कि इमरान खान अब हमारे बीच नहीं हैं, और यही वजह है कि पाकिस्तान आर्मी और आर्मी चीफ उन्हें देश के बाकी हिस्सों से दूर रख रहे हैं.यह सीरियस है. मुझे उम्मीद है कि यह सच नहीं है. यह अभी कन्फर्म नहीं हुआ है.तीन सीनियर मिलिट्री सोर्स को डर है कि इमरान खान अब हमारे बीच नहीं हैं. उन्होंने अपनी आँखों से कुछ नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने अपने कानों से सुना है,” .