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Nepal Floods: PM मोदी ने बालेन शाह से की बातचीत, जानलेवा बाढ़ के संबंध में जताई चिंता और ‘हर संभव मानवीय सहायता’ का दिया आश्वासन

नेपाल में आई भीषण बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से बातचीत की और 'हर संभव मानवीय सहायता' का आश्वासन भी दिया.

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Last Updated: August 26, 2026 18:07:56 IST

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भारत के किसी भी पड़ोसी देश पर आपदा आये, भारत हमेशा अच्छे पड़ोसी की तरह उनको मानवीय सहायता प्रदान करने में हमेशा अग्रणी रहता है. हाल ही में भारत का पड़ोसी देश नेपाल भीषण बाढ़ से जूझ रहा है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद उन्होंने अपने नेपाली समकक्ष बालेन शाह से बात की और उन्हें ‘हर संभव मानवीय सहायता’ का आश्वासन दिया.

सोशल मीडिया पर दी जानकारी 

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “मैंने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं.” साथ ही PM मोदी ने यह भी बताया कि भारत बचाव और राहत कार्यों में हर संभव मदद कर रहा है.

बता दें कि बुधवार को तिब्बत की सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अधिक लोगों के हताहत होने की आशंका है. आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सीमा पार तिब्बत में चीन और नेपाल के बीच भूस्खलन से बने एक भू-पथ पर भूस्खलन हुआ, जिसमें कई लोग हताहत हुए और कुछ लोग लापता हैं.

भारत के कुछ लोग भी हुए लापता 

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद बुधवार को नेपाल में 380 से अधिक पर्यटक, जिनमें ज्यादातर विदेशी थे, संपर्क से बाहर हो गए हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा, “पर्यटन और यात्रा कंपनियों से प्राप्त प्रारंभिक एजेंसी-वार रिकॉर्ड के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से लापता बताए गए 384 यात्रियों की पहचान की गई है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं.” जानकारी के अनुसार अचानक आई बाढ़ ने गांवों में तबाही मचा दी है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद कम से कम 105 भारतीय और 37 अनिवासी लापता लोगों में शामिल हैं. इनमें से अधिकांश भारतीय तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे.

तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बुधवार तड़के कई लोगों की जान ले ली और नदी के किनारे बसी बस्तियों में व्यापक तबाही मचाई तथा कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है. अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की ओर से आने वाली बाढ़ भोटे कोशी नदी में सुबह लगभग 9 बजे (स्थानीय समय) के आसपास उमड़ पड़ी, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुए.

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भारत के किसी भी पड़ोसी देश पर आपदा आये, भारत हमेशा अच्छे पड़ोसी की तरह उनको मानवीय सहायता प्रदान करने में हमेशा अग्रणी रहता है. हाल ही में भारत का पड़ोसी देश नेपाल भीषण बाढ़ से जूझ रहा है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद उन्होंने अपने नेपाली समकक्ष बालेन शाह से बात की और उन्हें ‘हर संभव मानवीय सहायता’ का आश्वासन दिया.

सोशल मीडिया पर दी जानकारी 

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “मैंने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं.” साथ ही PM मोदी ने यह भी बताया कि भारत बचाव और राहत कार्यों में हर संभव मदद कर रहा है.

बता दें कि बुधवार को तिब्बत की सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अधिक लोगों के हताहत होने की आशंका है. आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सीमा पार तिब्बत में चीन और नेपाल के बीच भूस्खलन से बने एक भू-पथ पर भूस्खलन हुआ, जिसमें कई लोग हताहत हुए और कुछ लोग लापता हैं.

भारत के कुछ लोग भी हुए लापता 

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद बुधवार को नेपाल में 380 से अधिक पर्यटक, जिनमें ज्यादातर विदेशी थे, संपर्क से बाहर हो गए हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा, “पर्यटन और यात्रा कंपनियों से प्राप्त प्रारंभिक एजेंसी-वार रिकॉर्ड के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से लापता बताए गए 384 यात्रियों की पहचान की गई है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं.” जानकारी के अनुसार अचानक आई बाढ़ ने गांवों में तबाही मचा दी है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद कम से कम 105 भारतीय और 37 अनिवासी लापता लोगों में शामिल हैं. इनमें से अधिकांश भारतीय तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे.

तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बुधवार तड़के कई लोगों की जान ले ली और नदी के किनारे बसी बस्तियों में व्यापक तबाही मचाई तथा कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है. अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की ओर से आने वाली बाढ़ भोटे कोशी नदी में सुबह लगभग 9 बजे (स्थानीय समय) के आसपास उमड़ पड़ी, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुए.

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