Sheikh Yousuf Afridi Killed: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. अफरीदी मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद का करीबी सहयोगी भी था. उसकी रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लगभग 250 किलोमीटर दूर खैबर क्षेत्र के लांडी कोटल में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अफरीदी पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. वह प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख सदस्य था. उसकी खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी समूह की गतिविधियों के लिए भर्ती और समन्वय में भी कथित भूमिका थी.
अहले हदीस विचारधारा का माना जाता था जानकार
शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या से इलाके में गुस्सा है और स्थानीय प्राधिकारियों ने उसकी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है. ‘पीटीआई भाषा’ की रिपोर्ट के मुताबिक हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा का कहना है कि अफरीदी एक प्रख्यात धार्मिक विद्वान था और खैबर के जाख खेल कबीले से संबंध रखता था. उसे अहले हदीस (सलाफी) विचारधारा का एक प्रमुख जानकार माना जाता था.
जमात-उद-दावा के मुताबिक, “अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए. यह याद रखना चाहिए कि ख्वारिज (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे चरमपंथी समूह वर्तमान में सलाफी जानकारों से बौद्धिक और व्यावहारिक रूप से कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.”
कौन था शेख यूसुफ अफरीदी?
शेख यूसुफ अफरीदी खैबर इलाके के जखा खेल कबीले का रहने वाला था. वह पश्तूनों की एक शाखा अफरीदी का हिस्सा था. अफरीदी इस्लाम में सबसे कट्टर कही जाने वाली अहले-हदीस (सलाफी) विचारधारा को मानने वाला मौलाना था. यही वजह थी कि वह कई लोगों के टारगेट पर था. बताया जा रहा है कि शेख यूसुफ अफरीदी पाकिस्तान में जिहाद के लिए युवाओं को तैयार करता था और इसके बाद जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए भेजता था.
बता दें कि एक सप्ताह पहले लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापकों में से एक आमिर हमजा पर हमला हुआ था, जिसमें उसे गोली लगी थी. सईद के बाद हमजा लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण नेता है, जो आतंकी वित्तपोषण मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में है.