Vampire facial: फेशियल और ब्यूटी ट्रीटमेंट की दुनिया अब सिर्फ क्रीम, सीरम और फेस पैक तक सीमित नहीं रह गई है. त्वचा की रंगत और टेक्सचर सुधारने के लिए अलग-अलग तरह की प्रक्रियाएं तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. इन्हीं में से एक है ‘वैंपायर फेशियल’, जिसका नाम सुनकर भले ही यह किसी डरावनी प्रक्रिया जैसा लगे, लेकिन इसमें व्यक्ति के अपने ही खून से तैयार किए गए प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा यानी पीआरपी का इस्तेमाल किया जाता है. यह प्रक्रिया खासतौर पर सेलिब्रिटीज और ब्यूटी ट्रीटमेंट में रुचि रखने वाले लोगों के बीच चर्चा में रही है. हाल ही में अभिनेत्री शेनाज ट्रेजरी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह वैंपायर फेशियल करवाती नजर आईं. वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर इस खास ब्यूटी प्रोसीजर को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
पहले हाथ से निकाला जाता है खून, फिर मशीन में होता है प्रोसेस
वैंपायर फेशियल की शुरुआत व्यक्ति के शरीर से थोड़ी मात्रा में खून निकालने से होती है. शेनाज ट्रेजरी द्वारा साझा किए गए वीडियो में भी बताया गया कि प्रक्रिया के शुरुआती चरण में उनके हाथ से खून लिया गया. इसके बाद उस रक्त के नमूने को एक मशीन में घुमाया गया, ताकि उसके अलग-अलग हिस्सों को अलग किया जा सके. इस प्रक्रिया में खून से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा यानी पीआरपी अलग किया जाता है. यही प्लाज्मा आगे त्वचा पर इस्तेमाल किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य व्यक्ति के अपने रक्त से प्राप्त प्लेटलेट्स का इस्तेमाल त्वचा संबंधी उपचार में करना होता है.
चेहरे को सुन्न करने के बाद त्वचा में बनाए जाते हैं छोटे-छोटे चैनल
प्लाज्मा तैयार करने के बाद चेहरे पर ट्रीटमेंट की तैयारी की जाती है. आमतौर पर प्रक्रिया को अधिक आरामदायक बनाने के लिए त्वचा पर नंबिंग क्रीम लगाई जाती है, जिससे उपचार के दौरान होने वाली असहजता कम हो सके. इसके बाद माइक्रोनीडलिंग जैसी तकनीक के जरिए त्वचा की ऊपरी परत में बहुत छोटे-छोटे चैनल बनाए जाते हैं. इन बेहद महीन सुइयों को त्वचा पर एक निर्धारित तरीके से चलाया जाता है. शेनाज ने अपने वीडियो में बताया कि उन्हें प्रक्रिया के दौरान खास दर्द महसूस नहीं हुआ.
त्वचा में पहुंचाया जाता है अपना ही प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा
माइक्रोनीडलिंग के बाद तैयार किए गए प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा का इस्तेमाल त्वचा पर किया जाता है. उपचार की तकनीक के अनुसार इसे त्वचा में बनाए गए छोटे चैनलों के जरिए पहुंचाया जा सकता है. इसे ही आम बोलचाल में वैंपायर फेशियल कहा जाता है. इस प्रक्रिया में व्यक्ति के अपने रक्त से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण इसे कुछ दूसरे कॉस्मेटिक उपचारों से अलग माना जाता है. हालांकि, प्रक्रिया की तकनीक और पीआरपी का इस्तेमाल किस तरीके से किया जाएगा, यह क्लिनिक और विशेषज्ञ की पद्धति के अनुसार अलग हो सकता है.
क्यों किया जाता है वैंपायर फेशियल?
वैंपायर फेशियल को लेकर दावा किया जाता है कि त्वचा में प्लेटलेट्स पहुंचाने से त्वचा की प्राकृतिक रिपेयर प्रक्रिया को सपोर्ट मिल सकता है. पीआरपी में मौजूद ग्रोथ फैक्टर्स को त्वचा के पुनर्निर्माण और कोलेजन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाने वाला माना जाता है. इसी वजह से इस उपचार को त्वचा के टेक्सचर, महीन रेखाओं और त्वचा की ओवरऑल अपीयरेंस को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कराया जाता है. हालांकि, हर व्यक्ति में इसका परिणाम एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है और इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण हर दावे के लिए समान रूप से मजबूत नहीं हैं.
‘ड्रेकुला थेरेपी’ और ‘वैंपायर फेसलिफ्ट’ के नाम से भी जाना जाता है
वैंपायर फेशियल को कई जगहों पर ड्रेकुला थेरेपी या वैंपायर फेसलिफ्ट के नाम से भी जाना जाता है. इन नामों की वजह मुख्य रूप से इस प्रक्रिया में व्यक्ति के अपने रक्त से प्राप्त पीआरपी के इस्तेमाल से जुड़ी है. हालांकि नाम सुनने में भले ही आकर्षक और रहस्यमय लगे, लेकिन यह कोई जादुई प्रक्रिया नहीं है. यह एक कॉस्मेटिक मेडिकल प्रोसीजर है, जिसे प्रशिक्षित और योग्य विशेषज्ञ की निगरानी में ही कराया जाना चाहिए.
माइक्रोनीडलिंग के साथ बढ़ सकती है कीमत
वैंपायर फेशियल की कीमत जगह, क्लिनिक, विशेषज्ञ और इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक सत्र की कीमत करीब 6,000 से 15,000 रुपये तक बताई जाती है. वहीं अगर पीआरपी के साथ माइक्रोनीडलिंग जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया की जाती है तो इसकी कीमत लगभग 8,000 से 18,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. अलग-अलग शहरों और क्लिनिक में शुल्क काफी अलग हो सकता है, इसलिए उपचार से पहले पूरी लागत और कितने सत्रों की जरूरत होगी, इसकी जानकारी लेना जरूरी है.
जोखिम रहित प्रक्रिया नहीं
वैंपायर फेशियल को पूरी तरह जोखिम रहित प्रक्रिया नहीं माना जा सकता. माइक्रोनीडलिंग और इंजेक्शन जैसी प्रक्रियाओं के कारण उपचार के बाद चेहरे पर लालिमा, सूजन, हल्की चोट, खुजली या संवेदनशीलता जैसी परेशानियां हो सकती हैं. कुछ लोगों में त्वचा कुछ समय के लिए बेहद नाजुक या संवेदनशील महसूस हो सकती है. हल्के निशान या सूजन आमतौर पर समय के साथ कम हो सकते हैं, लेकिन दर्द या त्वचा में संवेदनशीलता कुछ दिनों तक बनी रह सकती है. अगर प्रक्रिया के बाद संक्रमण, लगातार बढ़ती सूजन, तेज दर्द या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.
हर किसी के लिए ट्रीटमेंट जरूरी या उपयुक्त नहीं
सिर्फ सेलिब्रिटीज को देखकर इस तरह का उपचार करवाना सही तरीका नहीं है. त्वचा की समस्या, एलर्जी, पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थिति और इस्तेमाल की जा रही दवाओं के आधार पर इस प्रक्रिया की उपयुक्तता बदल सकती है. इसलिए वैंपायर फेशियल करवाने से पहले योग्य त्वचा विशेषज्ञ से त्वचा की जांच और प्रक्रिया से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में सलाह लेना जरूरी है. खासकर यदि किसी व्यक्ति को रक्त से जुड़ी समस्या है, त्वचा में संक्रमण है या वह ऐसी दवाएं ले रहा है जो रक्तस्राव को प्रभावित कर सकती हैं, तो विशेषज्ञ की सलाह और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
खूबसूरती के ट्रेंड के साथ सुरक्षा को नजरअंदाज न करें
वैंपायर फेशियल का ट्रेंड भले ही सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी पोस्ट की वजह से तेजी से चर्चा में आया हो, लेकिन इसे केवल एक सामान्य फेशियल समझना ठीक नहीं है. इसमें रक्त निकालने, उसे प्रोसेस करने और त्वचा में सुइयों के जरिए प्रक्रिया करने जैसे मेडिकल चरण शामिल होते हैं. इसलिए किसी भी ब्यूटी ट्रेंड को अपनाने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रक्रिया कौन कर रहा है, क्लिनिक कितना विश्वसनीय है और संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता के मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं. खूबसूरती के लिए किए जाने वाले किसी भी उपचार में सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए.