चंकी बहुत कंजूस हैं… एक सिगरेट भी बचाकर रखते थे एक्टर! कभी बने स्टार, फिर झेला बुरा दौर; ऐसी रही जिंदगी
Chunky Pandey: बॉलीवुड में कुछ सितारों की जिंदगी पर्दे पर दिखने वाली कहानी से कहीं ज्यादा दिलचस्प होती है. चंकी पांडे भी ऐसे ही एक अभिनेता हैं। कभी उनकी फिल्मों की खूब चर्चा हुई, तो कभी ऐसा वक्त आया जब इंडस्ट्री में उनके लिए काम मिलना मुश्किल हो गया. उनकी जिंदगी में शोहरत, आर्थिक तंगी, बांग्लादेशी फिल्मों में मिली सफलता और प्यार के कई किस्से जुड़े हैं. इन सबके बीच उनकी कंजूसी के किस्से आज भी मजेदार अंदाज में सुनाए जाते हैं.
एक सिगरेट भी संभालकर रखते थे चंकी
चंकी पांडे की कंजूसी का किस्सा निर्देशक राजीव राय और फराह खान अक्सर सुना चुकी हैं. राजीव राय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि चंकी पैसों को लेकर काफी मोलभाव किया करते थे. फिल्म 'त्रिदेव' के लिए भी फीस को लेकर दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी. राजीव राय का दावा था कि चंकी छोटी रकम के लिए भी काफी बार्गेनिंग करते थे. यही नहीं, विश्वात्मा की शूटिंग के दौरान का एक किस्सा भी राजीव राय ने बताया था. उनके मुताबिक, चंकी अपने पास सिर्फ एक सिगरेट रखते थे, ताकि कोई उनसे सिगरेट मांग न सके.
हीरो बनने से पहले बेचते थे कारें
चंकी पांडे की शुरुआत इतनी चमकदार नहीं थी. फिल्मों में आने से पहले वह कार बेचने का काम करते थे और मॉडलिंग भी करते थे. उन्होंने बताया था कि लगभग 22 साल की उम्र में उनकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी और वह कर्ज में भी थे. फिल्मों में काम पाने के लिए वह बॉलीवुड की पार्टियों में बिना बुलाए पहुंच जाते थे. उनका मकसद वहां लोगों से मिलना और फिल्म इंडस्ट्री में अपने लिए रास्ता बनाना था.
आग ही आग फिल्म से स्टारडम तक
1987 में फिल्म आग ही आग से चंकी पांडे ने डेब्यू किया. इसके बाद चंकी को लगातार काम मिलने लगा. उन्होंने तेजाब, आंखें, विश्वात्मा और खतरों के खिलाड़ी जैसी फिल्मों में काम किया. इससे उनकी पहचान मजबूत हुई और एक समय वह इंडस्ट्री के चर्चित युवा सितारों में गिने जाने लगे.
बॉलीवुड में काम घटा तो बांग्लादेश ने बनाया स्टार
हिंदी फिल्मों में काम कम होने के बाद चंकी ने बांग्लादेशी सिनेमा का रुख किया. वहां उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली और वह एक बड़े स्टार के तौर पर पहचाने जाने लगे. हालांकि, बॉलीवुड में वापसी उनके लिए आसान नहीं थी, एक वक्त ऐसा भी आया जब नई पीढ़ी के कुछ लोगों को पता तक नहीं था कि चंकी कभी हिंदी फिल्मों के हीरो रह चुके हैं.
1996 में पैसों के लिए मांगनी पड़ी मदद
चंकी की जिंदगी में आर्थिक मुश्किलों का दौर भी आया. उन्होंने बताया था कि 1996 में एक रियल एस्टेट डील में उनका पैसा फंस गया था. हालात इतने खराब थे कि पार्टी रखने के बाद मेहमानों के लिए शराब खरीदने तक के पैसे नहीं थे और उन्हें दोस्त से मदद लेनी पड़ी थी.
भावना से शादी के बाद बदली जिंदगी
लव लाइफ की बात करें तो चंकी खुद को जवानी में कैसेनोवा बता चुके हैं. हालांकि भावना पांडे से मुलाकात के बाद उनकी जिंदगी बदल गई. चंकी के मुताबिक, भावना से मिलने के कुछ ही समय बाद उन्हें एहसास हो गया था कि वह उनसे शादी करना चाहते हैं. दोनों ने शादी की और परिवार बसाया. चंकी आज भी भावना और बेटी अनन्या पांडे को अपनी जिंदगी का लकी चार्म मानते हैं.