नरगिस ने सरेआम बनाया था वैजयंतीमाला का मजाक, तो नम हो गई थीं एक्ट्रेस के आंसू, ठुकराया फिल्मफेयर अवॉर्ड
Vyjayantimala: हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की जब भी बात होती है, वैजयंतीमाला का नाम उन सितारों में लिया जाता है जिन्होंने अपनी एक्टिंग और डांस के दम पर एक अलग पहचान बनाई. 50 और 60 के दशक में जब सुरैया, नरगिस और राज कपूर जैसे कलाकारों का इंडस्ट्री पर दबदबा था, उस दौर में वैजयंतीमाला के लिए अपनी जगह बनाना आसान नहीं था. हालांकि, उनके करियर की चमक के पीछे संघर्ष और ऐसे अनुभव भी छिपे थे, जिन्हें उन्होंने बाद में अपनी आत्मकथा में साझा किया. वैजयंतीमाला की जिंदगी से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा उस वक्त का है, जब वह पहली बार फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों के बीच एक कार्यक्रम में पहुंची थीं.
जब बड़े सितारों से हुआ वैजयंतीमाला का सामना
अपनी आत्मकथा 'बॉन्डिंग: एक मेमोयर' में वैजयंतीमाला ने इस मुलाकात का जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उनसे बातचीत करने के बाद सभी कलाकार ग्रुप फोटो के लिए इकट्ठा हुए. इसी दौरान कई लोग उनके पास ऑटोग्राफ लेने पहुंचने लगे. वैजयंतीमाला ने बताया था कि उन्होंने नरगिस को राज कपूर से यह कहते हुए सुना कि वह उनके पास जाकर उन्हें ऑटोग्राफ देने से मना करें. राज कपूर उनके पास आए और नरगिस की बात कही. वैजयंतीमाला ने उस वक्त सिर्फ सिर हिलाकर प्रतिक्रिया दी लेकिन यह अनुभव उनके लिए काफी हैरान करने वाला था.
नरगिस के कमेंट ने किया दुखी
वैजयंतीमाला से जुड़ा एक और किस्सा अन्नू कपूर ने अपने एक शो में सुनाया था. बताया जाता है कि वैजयंतीमाला की लंबाई काफी ज्यादा थी और ग्रुप फोटो के दौरान नरगिस ने उनकी लंबाई को लेकर मजाक किया था. अन्नू कपूर के मुताबिक, नरगिस ने उन्हें 'खंभे' और 'पेड़' जैसा कहकर टिप्पणी की थी. यह बात वैजयंतीमाला के दिल पर लग गई और उनकी आंखों में आंसू तक आ गए थे.
ग्रुप फोटो के लिए किया ये काम
इसके बाद वे ग्रुप फोटो में अपने घुटने मोड़कर खड़ी हो गई थीं, ताकि उनकी लंबाई कम नजर आए. कार्यक्रम के बाद जब वह घर पहुंचीं तो काफी उदास थीं. उनकी मां को जब ये बता पता चली, तो उन्होंने उन्हें समझाया कि किसी की बात से खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए. उन्होंने बेटी से कहा कि वह अपने काम पर ध्यान दें और ईमानदारी से आगे बढ़ती रहें. आखिरकार उनका काम ही उन लोगों को जवाब देगा जो उनका मजाक उड़ाते हैं.
'देवदास' की चंद्रमुखी ने बदल दी तस्वीर
वैजयंतीमाला के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में 'देवदास' भी शामिल रही. फिल्म में उन्होंने चंद्रमुखी का किरदार निभाया था. इस भूमिका को पहले नरगिस, बीना रॉय और मीना कुमारी जैसी एक्ट्रेस ने इनकार कर दिया था. वैजयंतीमाला ने इस किरदार को न केवल निभाया बल्कि अपनी अदाकारी से इसे यादगार बना दिया. चंद्रमुखी की भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला लेकिन उन्होंने ये सम्मान लेने से इनकार कर दिया. उनका मानना था कि चंद्रमुखी का किरदार फिल्म में सपोर्टिंग रोल के तौर पर नहीं बल्कि लीड एक्ट्रेस को मिलना चाहिए. उनका यह फैसला उस दौर में काफी चर्चा में रहा.
वैजयंतीमाला की फिल्में
वैजयंतीमाला ने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई यादगार फिल्में दीं. उन्होंने 'नागिन', 'देवदास', 'मधुमती', 'संगम' और 'साधना' जैसी फिल्में की. एक्टिंग के साथ-साथ वे डांस के लिए भी फेमस थीं. उनकी प्रतिभा को लगातार सम्मान भी मिला. उन्हें पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले और साल 1968 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया. फिल्मों में अभिनय के अलावा उन्होंने कोरियोग्राफर और प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया. साल 1982 में उन्होंने तमिल फिल्म 'कथोदुथन नान पेसुवेन' का सह-निर्माण किया.
फिल्मों के बाद राजनीति में भी बनाई पहचान
सिनेमा के बाद वैजयंतीमाला ने राजनीति की दुनिया में भी कदम रखा. साल 1984 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और सांसद बनीं. बाद में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी का दामन थामा और तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय रहीं.