लाखों रुपये खर्च करके अगर कोई ग्राहक प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदता है, तो वह शानदार डिस्प्ले और प्रीमियम सर्विस की उम्मीद रखता है. लेकिन जब सैमसंग जैसी दिग्गज कंपनी के फ्लैगशिप फोन की स्क्रीन पर अचानक रहस्यमयी लाइनें उभर आएं और शिकायत करने के बावजूद कंपनी का कोई रिस्पॉन्स न मिले, तो इसे सीधे तौर पर ग्राहकों का उत्पीड़न ही कहा जाएगा. सैमसंग के डिस्प्ले में ग्रीन और व्हाइट लाइन की समस्या लंबे समय से ग्राहकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है. इसके बावजूद कंपनी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है. शिकायत करने के बाद भी कस्टमर को कॉल तक न करना यह साबित करता है कि फोन बेचते वक्त बड़े-बड़े वादे करने वाली सैमसंग, बिक्री के बाद अपने ग्राहकों को उनके हाल पर छोड़ देती है.
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एंडी राव (@Andythinks) नाम के एक यूजर ने सैमसंग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए इस पूरे वाकये को शेयर किया है.
यूजर ने अपने सैमसंग फोन की एक फोटो शेयर की है, जिसमें स्क्रीन पर साफ तौर पर कई सफेद और रंगीन वर्टिकल लाइनें दिखाई दे रही हैं. यह खराबी फोन के हार्डवेयर/डिस्प्ले डिफेक्ट को साफ दर्शाती है. यूजर ने बताया कि उन्होंने यह डिवाइस साल 2023 में घोड़बंदर रोड स्थित ‘विजय सेल्स’ (Vijay Sales) से खरीदा था. यूजर ने दुख जताते हुए लिखा कि उनके पास पहले से सैमसंग का S22 अल्ट्रा भी रहा है, लेकिन उसमें ऐसी कोई समस्या कभी देखने को नहीं मिली. यह मौजूदा प्रोडक्ट में आया एक गंभीर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सोशल मीडिया पर मामला उठाने और सैमसंग इंडिया को टैग करने के बावजूद कंपनी की तरफ से यूजर को अब तक कोई कॉल या रिस्पॉन्स नहीं मिला है. तंग आकर यूजर ने उपभोक्ता मामलों के आधिकारिक हैंडल @jagograhakjago को टैग करके मदद की गुहार लगाई है और ग्लोबल हैंडल (@SamsungMobileUS, @SamsungUK) को भी टैग किया है.
सैमसंग की जवाबदेही पर बड़े सवाल
सैमसंग के डिस्प्ले में लाइन आने की समस्या कोई पहली बार सामने नहीं आई है, लेकिन इस तरह ग्राहकों की अनसुनी करना बेहद शर्मनाक है. सच कहें तो जब कोई यूजर लाख रुपये देकर फोन खरीदता है, तो वह ऐसे डिफेक्ट की उम्मीद बिल्कुल नहीं करता. अगर कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की जिम्मेदारी लेने के बजाय ग्राहकों को इग्नोर करेगी, तो भारतीय बाजार में उसका भरोसा पूरी तरह डगमगा जाएगा. अब देखना यह होगा कि नेशनल कंज्यूमर फोरम के हस्तक्षेप के बाद सैमसंग जागेगी या अपनी इसी सुस्त सर्विस को जारी रखेगी.