RD vs FD? क्या रहेगा आपके लिए बेहतर, किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न, क्या है दोनों में अंतर
RD vs FD: आज के समय में निवेश करना बेहद जरूरी है. अगर आप निवेश नहीं करते हैं तो इससे आगे चलकर फाइनेंशियल समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है. आज के समय में सुरक्षित निवेश की बात आती है, तो Recurring Deposit (RD) और Fixed Deposit (FD) दोनों का नाम जरूर लिया जाता है.
अगर आप सोच रहे हैं कि RD या FD में से कौन ज्यादा रिटर्न देता है और आपके लिए कौन बेहतर रहेगा, तो इस लेख को जरूर पढ़ें. चलिए जानते हैं.
RD vs FD क्या है अंतर?
अगर आप RD vs FD में अंतर देख रहे हैं तो FD में आपको एकमुश्त या एकसाथ पैसे लगाने होते हैं. इसे आप एक लिमिटेड समय के लिए फिक्स करते हैं. वहीं,
RD में आपको हर महीने छोटी-छोटी रकम जमा करनी होती है.
किसमें मिलेगा हाई रिटर्न?
देखा जाए तो FD में आपको 6 से 7.5 फीसदी तक का ब्याज मिलता है. वहीं, RD में भी आपको लगभग इतना ही ब्याज मिलता है, लेकिन इसमें आपको धीरे-धीरे करके पैसे जमा करने होते हैं.
क्या रहेगा आपके लिए सही?
देखा जाए तो दोनों ही ऑप्शन आपके लिए सटीक रहेंगे. अगर आप RD चुनते हैं तो ऐसे में आपको हर महीने बचत करनी होगी. वहीं, एफडी में आपको एकसाथ पैसे लगाकर छोड़ देना है.
कहां करना होगा निवेश?
अगर आप एफडी या आरडी में से किसी एक में निवेश करना चाहते हैं तो ऐसे में आप बैंक और पोस्ट ऑफिस के माध्यम से इन दोनों में निवेश कर सकते हैं. आमतौर पर दोनों ही काफी सुरक्षित मानी जाती हैं.
FD कराने के नुकसान
माना जाता है कि एफडी कराने के कुछ नुकसान इसलिए हो सकते हैं क्योंकि एफडी में आपका पूरा पैसा एक ही बार में लॉक हो जाता है. वहीं, आरडी में आपको एकसाथ पैसे नहीं देकर थोड़े-थोड़े पैसे देने होते हैं.
लॉन्ग टर्म के लिए क्या सही?
अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं तो ऐसे में दोनों ही स्कीमें अपनी -अपनी जगह पर ठीक हैं. लेकिन, एफडी को वैसे लॉन्ग टर्म के लिए ज्यादा हाई रिटर्न माना जाता है.