Freelancing Rules & Laws: कोरोना महामारी के बाद से ही लोगों में फ्रीलांस और पार्ट टाइम डॉब का चलन बढ़ गया है. देश-दुनिया की हजारों कंपनियां ऐसी हैं, जो घर बैठे एक्स्ट्रा इनकम के लिए ये जॉब ऑफर करती हैं. आमतौर पर फ्रीलांस और पार्ट टाइम जॉब के लिए कंटेट राइटर, ग्राफिक्स डिजाइनर, वेब डेवलपर, ऑनलाइन ट्यूटर जैसे रोल्स की वेकेंसी आसानी से मिल जाती है. ये साइड इनकम के लिए तो अच्छा है ही, जेब पर बढ़ते खर्च को बोझ को हल्का करके सेविंग्स करने में हेल्प करता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या फ्रीलांस और पार्ट टाइम जॉब को परमानेंट जॉब के साथ किया जा सकता है? क्या कंपनी या कानून इसे अनुमति देते हैं?
क्या कहते हैं नियम?
परमानेंट या फुल टाइम जॉब करने वाले बिल्कुल फ्रीलांस और पार्ट टाइम जॉब्स कर सकते हैं. कानून की नजर में ये गुनाह तो नहीं है, लेकिन ज्यादातर कंपनियां ऐसा ना करने की चेतावनी पहले ही दे देती हैं. इसके लिए कई बार कंपनियां कॉन्ट्रेक्ट भी साइन करवाती है, ताकि एम्प्लॉई दूसरी जगह भी काम ना करते रहें. लेकिन कानून में ये अपराध नहीं है और न ही किसी सजा का प्रावधान है.
क्या सावधानियां बरतें?
किसी भी एम्प्लॉई को हायर करने से पहले कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट साइन करा लेती हैं, जो एम्प्लॉईज को लंबे वक्त तक कंपनी में टिकाए रखने, शर्तें मनवाने और कंपनी के नियमों को मनवाने का एक तरीका होता है. कुछ कंपनियां क्लॉज भी होता है कि एम्प्लॉई दूसरी कंपनियों के साथ प्रोजेक्ट नहीं कर सकते.
- यदि आप फ्रीलांस जॉब करना भी चाहते हैं तो फुल टाइम जॉब का काम पहले करें, जिससे आपकी इनकम के मेन सोर्स पर कोई असर न हो.
- जाहिर है कि कंपनियां अपने डेटा, क्लाइंट लिस्ट और प्रोजेक्ट से जुड़ी डिटेल्स शेयर करने की परमिशन नहीं देती है. ये कंपनी की प्राइवेसी में आता है, जिसे लीक या शेयर करना गैर-कानूनी है.
यदि आप मुश्किल में है या अच्छा काम मिलने के कारण फ्रीलांस करना भी चाहते हैं तो पहले अपनी परमानेंट जॉब से रिलेटेड कंपनी से परमिशन लें. ये साइड जॉब करने का सबसे सेफ तरीका है.