Porn Addictive: राजू (काल्पनिक नाम) अब 27 साल का हो चुका था. उसकी फिटनेस की लोग मिसाल देते है. लेकिन, पिछले कुछ महीनों से राजू को लग रहा था कि उसकी सेहत कुछ ठीक नहीं है. कुछ ऐसा, जिसे वो सही पकड़ नहीं पा रहा था, लेकिन महसूस जरूर कर रहा था. शुरुआत कब हुई, उसे खुद याद नहीं. बस एक दिन उसने नोटिस किया कि, उसे पोर्ट देखने की लत लगी है. वो कहते हैं कि, पोर्न देखने की शुरुआत 3 साल पहले हुई थी. पहले मैं कभी-कभार ही पोर्न देखता था, लेकिन धीरे-धीरे ये आदत बढ़ती गई. अब मैं रोज बिना पोर्न देखे नहीं रह पाता. क्या ये कोई बीमारी है? इसी परेशानी को लेकर वो अहमदाबाद, गुजरात में चीफ कंसल्टेंट सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. पारस शाह के पास जा पहुंचे. आइए जानते हैं कि आखिर डॉक्टर क्या कहते हैं?
वयस्कों में पोर्न देखना सामान्य बात है
डॉक्टर कहते हैं कि, एक 27 साल के नौजवान के लिए पोर्न देखना ऐसी कोई विचित्र बात नहीं है, जिसे लेकर इतना चिंतित हुआ जाए. वयस्कों में पोर्न देखना एक सामान्य बात है. तकरीबन सभी वयस्क अपने जीवन में कभी न कभी इस अनुभव से गुजरते हैं. इसलिए सबसे पहले तो पोर्न देखने को लेकर अपने मन में किसी तरह का अपराध बोध और हीन भावना न पालें. यह बहुत सामान्य बात है.
अब पोर्न देखना आसान और चलन बढ़ा है
पोर्न हमेशा से हमारे समाज और इतिहास का हिस्सा रहा है. हां, वक्त के साथ उसका रूप और उसकी उपलब्धता में जरूर बदलाव आया है. पहले वीडियो और फिर सीडी के रूप में पोर्न उपलब्ध थे. उन्हें खरीदना, लाना, देखना काफी मेहनत का काम हुआ करता था और सब लोगों को यह उपलब्ध भी नहीं हो पाता था. लेकिन, डिजिटल दुनिया के बढ़ने और स्मार्ट फोन आने के बाद पोर्न सर्वव्यापी हो गया है. अब इसे देखना इतना आसान है कि एक स्मार्ट फोन और इंटरनेट कनेक्शन की बदौलत आप कभी भी, कहीं भी और कितनी भी मात्रा में पोर्न देख सकते हैं.
पोर्न देखना सही है या नहीं, खुद से पूछें
अगर पिछले कुछ सालों में पोर्न देखने की मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई है तो उसका कारण उसकी सहज उपलब्धता है. अगर कोई चीज आसानी से मिल रही है और आपके पास उसका उपभोग करने की इच्छा और वक्त है तो निश्चित ही आप उसका उपभोग करेंगे. पोर्न के साथ भी यही हो रहा है. आज काफी मात्रा में पोर्न देखा जा रहा है. इसलिए अपनी पोर्न देखने की जिस इच्छा और आदत को आप लत का नाम दे रहे हैं या आपको डर है कि वो आदत कहीं लत में तब्दील न हो जाए तो अपने आप से ये कुछ जरूरी सवाल पूछें.
पोर्न कब बन सकता है परेशानी
इंटरनेशनल स्टडीज बताती हैं कि पूरी दुनिया में बहुत बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं पोर्न देखते हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होता है. समस्या तब पैदा होती है, जब पोर्न की लत लग जाए, जब यह एक कंपल्सिव और सीक्रेटिव बिहेवियर हो जाए और जब वास्तविक जिंदगी के रिश्तों पर इसका नेगेटिव असर पड़ने लगे. साथ ही यह सेक्शुअल खुशी, संतोष और इमोशनल हेल्थ को नकारात्मक ढंग से प्रभावित करने लगे.
लोग पोर्न क्यों देखते हैं?
पोर्न देखने के पीछे अकेलेपन से लेकर, स्ट्रेस और बोरडम तक कई कारण हो सकते हैं. पोर्न इन सारी समस्याओं से डील करने का एक कोपिंग मैकेनिज्म हो सकता है. यह अपने आप में कोई समस्या नहीं है. ये समस्या तब बन जाती है, जब पोर्न ही एकमात्र कोपिंग मैकेनिज्म बन जाए. इसके अलावा अपने मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को एड्रेस करने का कोई और टूल हमारे पास न हो.
सेक्सोलॉजिस्ट से कब मिलने की जरूरत
- क्या पोर्न देखे बगैर आपको नींद नहीं आती?
- अगर किसी कारण से ऐसा हो कि आप पोर्न न देख पाएं, आपका स्मार्ट फोन आपके पास न हो तो क्या आप बेचैनी महसूस करते हैं?
- क्या पोर्न देखने की इस आदत ने किसी स्त्री के साथ आपके वास्तविक संबंधों पर प्रभाव डाला है?
- क्या आप अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड के साथ संबंध बनाने के बजाय पोर्न देखना ज्यादा पसंद करते हैं?