‘अंकुर’ से शुरू हुआ सफर, 5 नेशनल अवॉर्ड तक पहुंची शबाना आजमी; फिर जावेद अख्तर से जुड़ी प्रेम कहानी
Shabana Azmi: बॉलीवुड में बहुत से ऐसे एक्टर-एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में अपने किरदारों से अपना नाम बनाया है. इसके बाद वे अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहे. ऐसी ही एक एक्ट्रेस हैं शबाना आजमी. शबाना आजमी की कहानी सिर्फ एक सफल एक्ट्रेस की कहानी नहीं है. यह उस लड़की के सफर की कहानी है, जिसने शायरी और थिएटर से भरे घर में आंखें खोलीं, फिल्मों में कदम रखा तो ग्लैमर के बजाय मजबूत किरदारों को चुना. इसके बाद अपनी एक्टिंग से ऐसा मुकाम बनाया कि पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित हुईं. उनकी जिंदगी में प्यार भी आया, जो अपने साथ कई जटिलताएं लेकर आया और आखिरकार जावेद अख्तर के साथ उनका रिश्ता शादी तक पहुंचा.
शायरी और थिएटर से भरे घर में जन्म
शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी मशहूर उर्दू शायर और गीतकार थे, जबकि मां शौकत कैफी थिएटर की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. शबाना का बचपन मुंबई के एक कम्यून जैसे माहौल में बीता. बचपन के शुरुआती वर्षों में उनका परिवार कम्युनिस्ट पार्टी के रेड फ्लैग हॉल में रहता था, जहां कई परिवार साथ रहते थे. जगह छोटी थी, सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन घर का माहौल विचारों, कला और साहित्य से भरा हुआ था. एक इंटरव्यू में शबाना ने बताया था कि उनके घर में अक्सर महफिलें जमती थीं.
अंकुर से शुरू हुआ फिल्मी सफर
शबाना आजमी ने 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर से बॉलीवुड में कदम रखा. फिल्म में उन्होंने लक्ष्मी का किरदार निभाया और अपने अभिनय से दर्शकों और आलोचकों का ध्यान खींचा. इसके बाद अर्थ, निशांत, स्पर्श, मंडी, पार और मासूम जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. शबाना की खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को सिर्फ ग्लैमरस एक्ट्रेस तक सीमित नहीं रखा. उनके किरदार अक्सर मजबूत, संवेदनशील और वास्तविक महिलाओं के आसपास घूमते थे.
जावेद अख्तर से जुड़ी प्रेम कहानी
शबाना की निजी जिंदगी की बात करें, तो जावेद अख्तर के साथ उनकी प्रेम कहानी भी काफी चर्चित रही. दोनों की मुलाकातों का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आए. उस समय जावेद अख्तर पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी थीं. बाद में जावेद और शबाना ने शादी कर ली. दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाओं और सामाजिक सवालों का सामना किया लेकिन समय के साथ यह जोड़ी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित दंपतियों में शामिल हो गई.
पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
शबाना आजमी की एक्टिंग की सबसे बड़ी पहचान उनके पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हैं. उन्हें साल 1975 में अंकुर फिल्म के लिए, 1983 में अर्थ फिल्म के लिए, 1984 में खंडहर फिल्म के लिए, 1985 में पार फिल्म के लिए और 1999 में गॉडमदर के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था.
शबाना आजमी का परिवार
शबाना आजमी के परिवार की बात करें, तो 9 दिसंबर 1984 को उन्होंने लेखक-गीतकार जावेद अख्तर से शादी की. शबाना आजमी के अपने बच्चे नहीं हैं. शबाना फरहान अख्तर और जोया अख्तर की सौतेली मां हैं. वहीं फरहान अख्तर और जोया अख्तर जावेद अख्तर की पहली पत्नी हनी ईरानी के बच्चे हैं.