शाही खानदान में जन्म, बैंक की नौकरी और फिर बॉलीवुड… फिल्मी स्टोरी से कम नहीं सोहा अली खान की लव स्टोरी
Soha Ali Khan: बॉलीवुड में कुछ सितारों की जिंदगी पर्दे पर दिखने वाली कहानी से कहीं ज्यादा दिलचस्प होती है. ऐसी ही कहानी है सोहा अली खान की. शाही पटौदी परिवार में जन्मीं सोहा के पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट के चर्चित नाम रहे. वहीं उनकी मां शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस हैं. उनके भाई सैफ अली खान भी बॉलीवुड के जाने-माने एक्ट्रेस हैं. इतने बड़े परिवार से होने के बावजूद सोहा ने अपनी पहचान खुद बनाने की राह चुनी.
भारत के साथ विदेश में भी की पढ़ाई
4 अक्टूबर 1978 को जन्मीं सोहा ने अपनी पढ़ाई भारत के साथ-साथ विदेश में भी की. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया. उन्होंने सिटीबैंक और फोर्ड फाउंडेशन में भी नौकरी की.
दिल मांगे मोर से बॉलीवुड में रखा कदम
साल 2004 में फिल्म 'दिल मांगे मोर' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा. शुरुआत आसान नहीं थी. परिवार में फिल्मी सितारे होने के बावजूद सोहा को अपनी जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ी. हालांकि, फिल्म 'रंग दे बसंती' ने उनके करियर को एक अलग पहचान दी. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और अपनी सादगी भरी स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा.
सोहा की जिंदगी में कुणाल की एंट्री
सोहा की जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय तब शुरू हुआ, जब उनकी मुलाकात अभिनेता कुणाल खेमू से हुई. दोनों की पहली मुलाकात फिल्मी दुनिया के जरिए हुई थी. शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया. खास बात यह रही कि दोनों ने अपने रिश्ते को काफी समय तक निजी रखा.
2015 में की शादी
सोहा और कुणाल ने 2014 में सगाई की और 25 जनवरी 2015 को शादी कर ली. शादी बेहद निजी अंदाज में हुई, जिसमें परिवार और करीबी लोग शामिल हुए. इसके बाद दोनों की जिंदगी में बेटी इनाया नौमी खेमू का जन्म हुआ.
शादी को लेकर हुआ था विवाद
सोहा अली खान और कुणाल के रिश्ते का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि सोहा ने अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी से कुणाल के बारे में सीधे बात करने के बजाय अपनी मां शर्मिला टैगोर की मदद ली थी. सोहा के मुताबिक, वह अपने पिता से लड़कों को लेकर इस तरह की बातें करने में सहज नहीं थीं. कुणाल ने भी बताया था कि सोहा के परिवार से पहली मुलाकात में वह काफी नर्वस थे. खासकर शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी से मिलना उनके लिए आसान अनुभव नहीं था.