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8 साल की उम्र में बोर्डिंग स्कूल, 16 में स्विट्जरलैंड से वापसी, आर्थिक तंगी ने बदली जिंदगी; ऐसी थी तनुजा की एंट्री

Actress Tanuja: 70 के दशक की एक्ट्रेस की बात की जाए, तो तनुजा का नाम खास तौर पर लिया जाता है. तनुजा की खूबसूरती के साथ-साथ उनकी चुलबुली अदाएं और बेबाक एक्टिंग ने दर्शकों के दिल में अलग जगह बनाई. हालांकि कम ही लोग जानते हैं कि कैमरे के सामने हमेशा आत्मविश्वास से नजर आने वाली तनुजा का बचपन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा था. फिल्मी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनकी जिंदगी हमेशा आसान नहीं रही. 

Last Updated: September 23, 2026 | 5:20 PM IST
Tanuja Sister of Nutan - Photo Gallery
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नूतन की बहन थीं तनुजा

23 सितंबर 1943 को जन्मी तनुजा, एक्ट्रेस शोभना समर्थ और फिल्म निर्माता कुमारसेन समर्थ की बेटी थीं. तनुजा की बहन नूतन भी हिंदी सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. इसके बावजूद तनुजा की परवरिश आम स्टार किड्स जैसी नहीं रही.

Boarding at age 8 - Photo Gallery
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8 साल की उम्र में बोर्डिंग

महज 8 साल की उम्र में उन्हें पढ़ाई के लिए बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया. इसके बाद उनकी जिंदगी का एक हिस्सा विदेश में भी बीता. लगभग 16 साल की उम्र में वह स्विट्जरलैंड से भारत लौटीं. इस दौरान उन्होंने अंग्रेजी और हिंदी के साथ-साथ फ्रेंच और जर्मन भाषा भी सीखी.

Financial hardships changed the course of life - Photo Gallery
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आर्थिक मुश्किलों ने बदला जिंदगी का रास्ता

तनुजा जिस परिवार से आती थीं, वह कभी फिल्मी दुनिया में काफी जाना-पहचाना था. हालांकि परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा. यही वजह थी कि तनुजा की जिंदगी में फिल्मों का आना सिर्फ ग्लैमर की कहानी नहीं थी बल्कि परिवार की परिस्थितियों से भी जुड़ा हुआ था. उनकी बड़ी बहन नूतन पहले ही फिल्मों में अपनी पहचान बना चुकी थीं. तनुजा ने भी कम उम्र में कैमरे का सामना किया.

career started from Hamari beti film - Photo Gallery
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'हमारी बेटी' से शुरू हुआ फिल्मी सफर

तनुजा ने बाल कलाकार के तौर पर फिल्मी दुनिया में कदम रखा और बाद में बतौर एक्ट्रेस अपना सफर शुरू किया. तनुजा ने बतौर बाल कलाकार 1950 में आई फिल्म 'हमारी बेटी' में काम किया था. इस फिल्म में उनकी बहन नूतन भी नजर आई थीं. 1960 में उन्होंने फिर से अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने छबीली फिल्म से करियर शुरू किया.

got identify from these films - Photo Gallery
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इन फिल्मों से मिली पहचान

1960 के दशक में तनुजा ने हमारी याद आएगी और मेम दीदी जैसी फिल्मों में काम किया. धीरे-धीरे उनकी चुलबुली अदाकारी और स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को पसंद आने लगी. उनके करियर में बड़ा मोड़ फिल्म बहारें फिर भी आएंगी, ज्वेल थीफ, पैसा या प्यार और हाथी मेरे साथी जैसी फिल्मों से आया. खास तौर पर ज्वेल थीफ में देव आनंद के साथ उनकी मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा.

'Haathi Mere Saathi' made him a big star - Photo Gallery
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'हाथी मेरे साथी' ने बनाया बड़ा स्टार

साल 1971 में आई 'हाथी मेरे साथी' तनुजा के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही. राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया. फिल्म की कहानी और गानों ने भी इसे बड़ी सफलता दिलाई. तनुजा की खासियत यह थी कि उन्होंने खुद को सिर्फ एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा. वह कभी चुलबुली लड़की के रूप में दिखीं, तो कभी गंभीर और इमोशनल किरदारों में नजर आईं.

Bold on screen on her own terms in life too - Photo Gallery
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पर्दे पर बेबाक, जिंदगी में भी अपनी शर्तों पर

तनुजा की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही. उन्होंने एक्टर शोमू मुखर्जी से शादी की. दोनों की दो बेटियां हुईं काजोल और तनीषा मुखर्जी. आगे चलकर काजोल ने भी हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने अजय देवगन से शादी की और बॉलीवुड में तमाम फिल्में कीं.

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