बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा को रद्द कर दिया है. इस अचानक फैसले से परीक्षा में शामिल हुए हजारों युवाओं को बड़ा झटका लगा है. आयोग ने 23 सितंबर 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस जारी करके इसकी जानकारी दी.
यह मुख्य परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों (शिफ्टों) में आयोजित की गई थी. आयोग ने नोटिस में बताया कि परीक्षा को अपरिहार्य कारणों (जरूरी वजहों) से रद्द किया जा रहा है. हालांकि, आयोग ने इसका कोई साफ तकनीकी या प्रशासनिक कारण नहीं दिया, लेकिन यह कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.
क्यों रद्द हुई परीक्षा?
बिहार पुलिस में दरोगा के कुल 1,799 पदों पर बहाली के लिए प्रारंभिक परीक्षा जनवरी 2026 में हुई थी. 16 मार्च को आए परिणाम में 35,857 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए जगह बनाई थी.
27 मई को हुई मुख्य परीक्षा के बाद गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगीं:
लगातार रोल नंबर वाले पास: 79 अलग-अलग केंद्रों पर एक साथ और एक ही लाइन में बैठे 301 अभ्यर्थी पास हो गए थे, जिस पर सवाल उठे.
प्रश्नपत्र वायरल: सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र और ओएमआर सीट (OMR Sheets) की तस्वीरें वायरल होने का दावा किया गया.
पुलिस में मामला: परीक्षा वाले दिन ही गया के रामपुर थाने में और बाद में पूर्णिया में केस दर्ज किया गया था.
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इन आरोपों की जांच कर रही है. छात्र लगातार इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे.
अब आगे क्या होगा?
आयोग (BPSSC) जल्द ही दरोगा मुख्य परीक्षा की नई तारीख का ऐलान अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर करेगा, जिसके बाद प्रीलिम्स पास करने वाले सभी 35,857 अभ्यर्थियों के लिए नए सिरे से एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे. मुख्य परीक्षा दोबारा आयोजित होने की वजह से अब अभ्यर्थियों के शारीरिक जांच (PET/PST) और अंतिम चयन की प्रक्रिया में थोड़ा और समय लगेगा. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या दलालों के झांसे में न आएं और सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट (bpssc.bihar.gov.in) पर ही भरोसा करें.
इससे पहले भी कई परीक्षाएं रद्द हुई हैं
बिहार में इससे पहले BPSC TRE 3.0, बिहार पुलिस सिपाही भर्ती और 67वीं BPSC प्रीलिम्स जैसी कई बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक और धांधली के कारण रद्द होती रही हैं, और एक बार फिर से दरोगा मुख्य परीक्षा का रद्द होना अभ्यर्थियों के लिए बेहद निराशाजनक है. कड़ी मेहनत और सालों की तपस्या के बाद जब इस तरह परीक्षाएं अचानक निरस्त होती हैं, तो यह लाखों युवाओं का मनोबल और हौसला तोड़ देती है.