नॉर्थ-ईस्ट के ये hidden place अभी भी हैं unexplored! वादियों की खूबसूरती देख रह जायेंगे दंग, अध्यात्म की तलाश भी होगी पूरी
Arunachal Pradesh: भारत में कई ट्रैवेल डेस्टिनेशन ऐसी हैं, जिन्हें आज भी ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है. प्रकृति की गोद में बसा ऐसा ही एक राज्य है अरुणाचल प्रदेश. भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित इस छोटे से राज्य में बेमिसाल प्राकृतिक खूबसूरती, शांत घाटियां और बौद्ध मठ स्थित हैं. ज्यादातर लोग जो नॉर्थ-ईस्ट घूमने का प्लान भी करते हैं वो आमतौर पर सिक्किम और मेघालय तक ही सीमित रह जाते हैं. तो अब अपनी अगली ट्रिप प्लान करिये अरुणाचल प्रदेश की. आइये जानते हैं यहां के कुछ बेहद खूबसूरत hidden gems के बारे में!
तवांग
17वीं शताब्दी के तवांग मठ में ध्यान, सेला दर्रे जैसे मनोरम ऊंचे दर्रों पर ट्रेक और माधुरी झील का सुंदर नजारा; ये एक ऐसा अनुभव है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. यह एक महत्वपूर्ण बौद्ध सांस्कृतिक केंद्र भी है.
मेचुका
अरुणाचल प्रदेश के "मिनी स्विट्जरलैंड" के रूप में जानी जाने वाली यह कटोरे के आकार की घाटी सुंदर नजारों से भरपूर है. ऐसा लगता है किसी पेंटर ने लैंडस्केप की पेंटिंग बनाई हो, जिसका हम हिस्सा हैं. अगर आप सुकून की तलाश में हैं तो देवदार के जंगल के पास में स्थित समतेन योंगचा मठ में आपको काफी शांति और सुकून का एहसास होगा.
दिरंग
गर्म झरनों, सेब के बागों और दिरंग जोंग के साथ यह एक शांत खूबसूरत जगह है. यह तवांग का प्रवेश द्वार है और यहां आप मोनपा संस्कृति की झलक देख सकते हैं और उनके पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं.
बोमडिला
यह एक दूरस्थ कस्बा है जो हिमालय, मठों और वन्यजीव अभयारण्यों का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है. भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित यह एक शांत और खूबसूरत जगह है. अगर आपको भी शॉपिंग करना पसंद है तो यहां का लोकल मार्केट एक्सप्लोर करना बिल्कुल न भूलें.
ज़िरो घाटी
यह अपने चीड़ के पेड़ों से ढकी पहाड़ियों, धान के खेतों और अपातानी जनजाति की अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है. यह लोकप्रिय ज़िरो संगीत महोत्सव का भी केंद्र है.
पासीघाट
"अरुणाचल का प्रवेश द्वार" के रूप में जाना जाने वाला यह कस्बा सियांग नदी के किनारे स्थित है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता मन में हमेशा के लिए बस जाती है. यहां राफ्टिंग करना न भूलें. ये एक्सपीरिएंस आपको हमेशा याद रहेगा.