हीरो से ज्यादा होती थी इस विलेन की फीस! की 400 से ज्यादा हिट फिल्में, आज भी याद किये जाते हैं आइकॉनिक डायलॉग्स
‘जा सिमरन, जी ले अपनी जिंदगी!’ से लेकर ‘मोगैंबो खुश हुआ तक’ अमरीश पुरी ने कई आइकॉनिक किरदार निभाए हैं. 90s के दशक में फिल्म में हीरो कोई भी हो लेकिन विलेन उनको ही रखा जाता था. अमरीश पुरी की रोबीली आवाज उनकी पहचान थी और इसका इस्तेमाल वो अपने किरदारों में बखूबी करते थे. आइये जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें!
एक्टर के रूप में शुरू किया करियर
अमरीश पुरी शुरू से ही विलेन का रोल नहीं करते थे. अपने करियर के शुरूआती दिनों में उन्होंने हीरो के रूप में भी काम किया था. उन्होंने निशांत जैसी आर्ट फिल्मों में भी काम किया था.
कई भाषाओं की फिल्मों में किया काम
पुरी ने हिंदी , कन्नड़ , मराठी , पंजाबी , मलयालम , तेलुगु , तमिल और यहाँ तक कि हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है. हालांकि, उनका मुख्य क्षेत्र, बेशक, हिंदी सिनेमा था.
1980 में मिला पहला बड़ा ब्रेक
1970 के दशक में, पुरी ने सहायक भूमिकाओं में काम किया, आमतौर पर मुख्य खलनायक के गुर्गे के रूप में। सुपरहिट फिल्म ' हम पांच' (1980) पहली फिल्म थी जिसमें उन्होंने मुख्य खलनायक की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उनके अभिनय, व्यक्तित्व और आवाज़ सभी की सराहना की गई। इसके बाद, उन्हें अन्य फिल्मों में भी मुख्य खलनायक के रूप में कास्ट किया जाने लगा था.
400 से अधिक फिल्मों में किया काम
अमरीश पूरी 80 से 90 के दशक में बॉलीवुड के प्रतिष्ठित खलनायक बन चुके थे. 80s की उनकी सबसे प्रसिद्ध भूमिकाओं में विधाता (1982), शक्ति (1982), हीरो (1983), मेरी जंग (1985), नगीना (1986), मिस्टर इंडिया (1987), शहंशाह (1988), राम लखन (1989), त्रिदेव (1990), घायल (1990), सौदागर शामिल हैं। वहीं 90s की हिट फिल्मों में थलापति (1991), तहलका (1992), दामिनी (1993), करण अर्जुन (1995), कालापानी (1996), जीत (1996), कोयला (1997), बादशाह (1999) , गदर: एक प्रेम कथा (2001), और नायक: द रियल हीरो (2001) शामिल है.
जीते कई पुरस्कार
अमरीश पुरी ने कई अवार्ड्स भी जीते हैं. उन्होंने आठ नामांकन में से तीन फिल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए जीते हैं. उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए सबसे अधिक फिल्मफेयर पुरस्कार नामांकन भी प्राप्त हुए हैं.
हीरो से ज्यादा लेते थे फीस
एक समय पर अमरीश पुरी की प्रसिद्धि इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि वो फिल्म के हीरो से भी ज्यादा फीस लेते थे. फिल्म स्टार सौरभ शुक्ला ने एक इंटरव्यू में 2002 में आई फिल्म 'नायक: द रियल हीरो' में दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "फिल्म पर काम करते समय मुझे पता चला कि अमरीश पुरी मुख्य अभिनेता से एक रुपया ज्यादा लेते थे। इससे पता चलता है कि वे कितने बड़े स्टार थे।"