विराट कोहली से रोहित शर्मा तक… जब भारतीय खिलाड़ियों की हेड कोच से हुई टक्कर, गरमाया ड्रेसिंग रुम का माहौल
Indian Players vs Coach Feud: भारतीय क्रिकेट में कई बार बड़े खिलाड़ियों और हेड कोच के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं. विराट कोहली-अनिल कुंबले से लेकर सौरव गांगुली-ग्रेग चैपल तक, जानिए भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित खिलाड़ी-कोच विवादों के बारे में.
कई बार हुए विवाद
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई बार ड्रेसिंग रूम के अंदर ऐसे विवाद सामने आए हैं, जब टीम के बड़े खिलाड़ियों और हेड कोच के बीच मतभेद की खबरें चर्चा में रहीं. रणनीति, नेतृत्व और टीम प्रबंधन को लेकर हुए इन टकरावों ने कई बार बड़ा विवाद खड़ा किया है.
विराट कुंबले विवाद
सबसे चर्चित मामला साल 2017 में सामने आया, जब तत्कालीन कप्तान विराट कोहली और हेड कोच अनिल कुंबले के बीच गंभीर मतभेद की खबरें आईं. कुंबले के कार्यकाल में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन दोनों के रिश्तों में आई खटास के चलते आखिरकार चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कुंबले को पद छोड़ना पड़ा.
चैपल और गांगुली
इससे पहले भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा कोच-कप्तान विवाद ग्रेग चैपल और सौरव गांगुली के बीच देखने को मिला था. टीम की दिशा और नेतृत्व को लेकर दोनों के बीच मतभेद इतना बढ़ गया कि गांगुली को कप्तानी गंवानी पड़ी और कुछ समय के लिए टीम से बाहर भी होना पड़ा. इस विवाद ने पूरे देश में बहस छेड़ दी थी.
मदन लाल औऱ बिशन सिंह बेदी
पुराने दौर में भी ऐसे विवाद सामने आए. बिशन सिंह बेदी के कोच रहते कई वरिष्ठ खिलाड़ी उनके सख्त अनुशासन और ट्रेनिंग तरीकों से कथित तौर पर खुश नहीं थे. इसी तरह मदन लाल के छोटे कार्यकाल में भी टीम प्रबंधन को लेकर असहमति की बातें सामने आई थीं.
रोहित गंभीर विवाद
हाल के समय में भी खिलाड़ी-कोच रिश्तों को लेकर चर्चाएं फिर तेज हुईं, जब वरिष्ठ खिलाड़ियों जैसे रोहित शर्मा और मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के बीच मतभेद की अटकलें लगाई गईं. हालांकि इन रिपोर्ट्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अक्सर रहती है टकराव की संभावना
ये घटनाएं दिखाती हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में हमेशा मजबूत व्यक्तित्व मौजूद रहे हैं. जब बड़े खिलाड़ी और सख्त कोच साथ काम करते हैं, तो टकराव की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि कई बार ऐसे विवादों ने टीम में बदलाव की राह भी दिखाई है. कुछ मामलों में नेतृत्व परिवर्तन हुआ, तो कुछ में टीम संस्कृति और खिलाड़ी शक्ति पर नई बहस शुरू हुई.