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‘ऐसे शख्स से रिश्ता रखना गुनाह, जन्म से ही अपराधी…’, एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक के सगे भाई ने किया सनसनीखेज खुलासा

Salim Vastik Arrested: गिरफ्तारी के बाद एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक के सगे भाई मुजफ्फर हसन, जो शामली के रहने वाले हैं, ने उनको लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि गलत काम करने वाले के साथ रहना अपने आप में एक गुनाह है, इसी वजह से हमने सालों पहले सलीम से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे.

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Last Updated: 2026-04-26 17:42:33

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Salim Vastik Brother Big Revelation: सलीम वास्तिक को हाल ही में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वह ‘एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर’ के नाम से मशहूर और फिलहाल 31 साल पुराने एक मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे सलीम वास्तिक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार किया. 
 
उनकी गिरफ्तारी के बाद एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक के सगे भाई मुजफ्फर हसन, जो शामली के रहने वाले हैं, ने उनको लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि गलत काम करने वाले के साथ रहना अपने आप में एक गुनाह है, इसी वजह से हमने सालों पहले सलीम से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे.
 

सलीम वास्तिक के भाई ने क्या बताया?

मुजफ्फर के मुताबिक, सलीम लगभग 25 से 30 साल पहले शामली में अपना घर छोड़कर चला गया था. परिवार का अब सलीम से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे आदमी का साथ देना जो जन्म से ही बुरा रहा हो एक अपराधी हो अपने आप में एक पाप है; सच कहूं तो, ऐसे आदमी के साथ सिर्फ़ जुड़ा होना ही शर्म की बात है. मुजफ्फर ने आगे साफ किया कि दिल्ली या गाजियाबाद में रहते हुए सलीम किस तरह की गतिविधियों में शामिल था, इस बारे में उन्हें बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी.
 

क्या है 31 साल पुराना मर्डर केस?

सलीम वास्तिक, जिसका असली नाम सलीम खान है एक जघन्य अपराध का दोषी है. 20 जनवरी, 1995 को दिल्ली में 13 साल के संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था. फिरौती की मांग किए जाने के बाद, उस मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. 1997 में, एक अदालत ने इस मामले में शामिल होने के लिए सलीम खान को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. साल 2000 में, सलीम को जमानत पर रिहा कर दिया गया, जिसके बाद वह फरार हो गया. पिछले 25 सालों से, वह लगातार दिल्ली पुलिस से बचता फिर रहा था.
 

सलीम ने अपनी पहचान बदलकर 25 साल तक छिपे रहकर बिताए

जमानत पर रिहा होने के बाद, सलीम ने अपनी पहचान पूरी तरह से बदल ली थी. उसने अपना नाम सलीम खान से बदलकर सलीम अहमद रख लिया और आखिरकार ‘सलीम वास्तिक’ के उपनाम से जाना जाने लगा. इस दौरान, वह लगातार अपनी जगह बदलता रहा, और शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों के बीच घूमता रहा. वह मौत को तो चकमा देने में कामयाब रहा, लेकिन पुलिस से बच नहीं पाया.
 
सलीम वास्तिक हाल ही में तब सुर्खियों में आया, जब इस साल (2026) 27 फरवरी को, दो भाई उसके दफ्तर में घुस आए और उस पर जानलेवा हमला कर दिया. सलीम इस हमले में बच गया, जबकि हमलावर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए. अस्पताल से ठीक होकर लौटने के बाद, सलीम को लगा कि अब वह आखिरकार सुरक्षित है; हालांकि, शनिवार की सुबह, क्राइम ब्रांच ने लोनी स्थित उसके घर पर छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया. सलीम वास्तिक को अब 31 साल पहले किए गए एक अपराध के लिए वापस जेल भेज दिया गया है.
 

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Last Updated: 2026-04-26 17:42:33

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Salim Vastik Brother Big Revelation: सलीम वास्तिक को हाल ही में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वह ‘एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर’ के नाम से मशहूर और फिलहाल 31 साल पुराने एक मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे सलीम वास्तिक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार किया. 
 
उनकी गिरफ्तारी के बाद एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक के सगे भाई मुजफ्फर हसन, जो शामली के रहने वाले हैं, ने उनको लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि गलत काम करने वाले के साथ रहना अपने आप में एक गुनाह है, इसी वजह से हमने सालों पहले सलीम से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे.
 

सलीम वास्तिक के भाई ने क्या बताया?

मुजफ्फर के मुताबिक, सलीम लगभग 25 से 30 साल पहले शामली में अपना घर छोड़कर चला गया था. परिवार का अब सलीम से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे आदमी का साथ देना जो जन्म से ही बुरा रहा हो एक अपराधी हो अपने आप में एक पाप है; सच कहूं तो, ऐसे आदमी के साथ सिर्फ़ जुड़ा होना ही शर्म की बात है. मुजफ्फर ने आगे साफ किया कि दिल्ली या गाजियाबाद में रहते हुए सलीम किस तरह की गतिविधियों में शामिल था, इस बारे में उन्हें बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी.
 

क्या है 31 साल पुराना मर्डर केस?

सलीम वास्तिक, जिसका असली नाम सलीम खान है एक जघन्य अपराध का दोषी है. 20 जनवरी, 1995 को दिल्ली में 13 साल के संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था. फिरौती की मांग किए जाने के बाद, उस मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. 1997 में, एक अदालत ने इस मामले में शामिल होने के लिए सलीम खान को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. साल 2000 में, सलीम को जमानत पर रिहा कर दिया गया, जिसके बाद वह फरार हो गया. पिछले 25 सालों से, वह लगातार दिल्ली पुलिस से बचता फिर रहा था.
 

सलीम ने अपनी पहचान बदलकर 25 साल तक छिपे रहकर बिताए

जमानत पर रिहा होने के बाद, सलीम ने अपनी पहचान पूरी तरह से बदल ली थी. उसने अपना नाम सलीम खान से बदलकर सलीम अहमद रख लिया और आखिरकार ‘सलीम वास्तिक’ के उपनाम से जाना जाने लगा. इस दौरान, वह लगातार अपनी जगह बदलता रहा, और शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों के बीच घूमता रहा. वह मौत को तो चकमा देने में कामयाब रहा, लेकिन पुलिस से बच नहीं पाया.
 
सलीम वास्तिक हाल ही में तब सुर्खियों में आया, जब इस साल (2026) 27 फरवरी को, दो भाई उसके दफ्तर में घुस आए और उस पर जानलेवा हमला कर दिया. सलीम इस हमले में बच गया, जबकि हमलावर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए. अस्पताल से ठीक होकर लौटने के बाद, सलीम को लगा कि अब वह आखिरकार सुरक्षित है; हालांकि, शनिवार की सुबह, क्राइम ब्रांच ने लोनी स्थित उसके घर पर छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया. सलीम वास्तिक को अब 31 साल पहले किए गए एक अपराध के लिए वापस जेल भेज दिया गया है.
 

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