ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारत के आगामी टेस्ट दौरे की तैयारी शुरू कर दी है. यह दौरा टीम के लिए बेहद खास होने वाला है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया भारत में लगभग 50 साल बाद सबसे बड़ा टेस्ट अभियान खेलने जा रहा है. अगले साल जनवरी में होने वाली इस सीरीज में दोनों टीमें पांच टेस्ट मैचों में आमने-सामने होंगी. ऑस्ट्रेलिया ने इस बार भी प्रैक्टिस मैच खेलने के बजाय सीधे परिस्थितियों के अनुसार तैयारी करने की रणनीति अपनाई है और उसी के हिसाब से तैयारी कर रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के अनुसार टीम का ध्यान ऐसे ट्रेनिंग सेशन पर होगा, जहां खिलाड़ियों को भारत जैसी पिच, मौसम और वातावरण में प्रैक्टिस करने का मौका मिले. उनका मानना है कि सिर्फ प्रैक्टिस मैच खेलने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी उन परिस्थितियों को समझें, जिनका सामना उन्हें टेस्ट सीरीज के दौरान करना होगा.
हाल के सालों में ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी दौरों पर इसी तरह की रणनीति अपनाई है. श्रीलंका दौरे से पहले टीम ने संयुक्त अरब अमीरात में तैयारी की थी. वहीं, 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले ऑस्ट्रेलिया ने बेंगलुरु के अलूर में स्पेशल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया था. टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद भारत पहुंचने के लिए केवल 12 दिन मिलेंगे, इसलिए समय का सही उपयोग करना बेहद जरूरी होगा.
टीम सेलेक्शन और खिलाड़ियों पर नजर
एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने साफ किया है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने वाली टीम ही भारत दौरे पर जाए, यह जरूरी नहीं है. चयनकर्ता उन खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सकते हैं, जिनके पास भारतीय परिस्थितियों में सफल होने की क्षमता और विशेष कौशल हैं. स्पिन के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी करने वाले और भारतीय पिचों पर प्रभावी गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिल सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों को भारत दौरे के लिए अलग से तैयारी कराई जाएगी. इस दौरान बिग बैश लीग जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की भागीदारी को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि वे पूरी तरह तैयार रह सकें. ऑस्ट्रेलिया की टीम तैयारी के लिए संयुक्त अरब अमीरात या भारत में से किसी एक स्थान को चुन सकती है.