Morne Morkel Advice On Bhuvneshwar Kumar: भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दो मुकाबलों में महंगे साबित होने के बावजूद गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल ने उनका समर्थन किया है. मॉर्कल का मानना है कि चार साल बाद इस प्रारूप में लौट रहे अनुभवी गेंदबाज को अपनी लय हासिल करने के लिए समय दिया जाना चाहिए. उन्होंने भुवनेश्वर को बाहरी उम्मीदों और दबाव से दूर रहकर अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देने की सलाह दी.
शुरुआती दो मैचों में नहीं चला भुवनेश्वर का जादू
भुवनेश्वर कुमार ने नवंबर 2022 के बाद पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में 49 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया. दूसरे मैच में भी उनके चार ओवरों में 50 रन बने, हालांकि इस बार वह एक विकेट लेने में सफल रहे. इस तरह शुरुआती दो मुकाबलों में उन्होंने आठ ओवर में 99 रन दिए.
भुवनेश्वर की वापसी को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि IPL में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने 2025 के सीजन में 17 विकेट लिए, जबकि 2026 में 28 विकेट हासिल किए. इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के शुरुआती मैचों में उन्हें अपनी लय हासिल करने में परेशानी हुई.
मॉर्कल ने बताया क्यों जरूरी है धैर्य
मोर्ने मॉर्कल के मुताबिक, IPL में अच्छे प्रदर्शन के बाद भुवनेश्वर से काफी उम्मीदें लगाई गई थीं. ऐसे में खिलाड़ी पर तुरंत प्रभाव छोड़ने का दबाव बन सकता है. कोच का मानना है कि भुवनेश्वर के पास जरूरी कौशल और अनुभव है, इसलिए उन्हें कुछ समय देकर अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी करने का मौका मिलना चाहिए.
मॉर्कल ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ी को बाहरी चर्चाओं और आलोचनाओं के बजाय अपनी तैयारी और प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना आसान नहीं होता और मैच की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने में समय लग सकता है.
गेंदबाजों के वर्कलोड पर भी भारत की नजर
न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम को पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय, पांच वनडे और दो टेस्ट मुकाबले खेलने हैं. ऐसे व्यस्त कार्यक्रम में गेंदबाजों की फिटनेस बनाए रखना टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है. मॉर्कल ने संकेत दिया कि टीम बैकअप गेंदबाजों को तैयार रखने और जरूरत के अनुसार खिलाड़ियों को रोटेट करने की रणनीति पर काम कर रही है.
इसका उद्देश्य प्रमुख गेंदबाजों पर लगातार बढ़ते कार्यभार को नियंत्रित करना और आगामी टेस्ट सीरीज के लिए भी विकल्प तैयार रखना है. टीम प्रबंधन परिस्थितियों और खिलाड़ियों की उपलब्धता के अनुसार फैसला ले सकता है.
टेस्ट क्रिकेट में अर्शदीप सिंह पर भी चर्चा
मॉर्कल ने टेस्ट क्रिकेट के संभावित विकल्पों में अर्शदीप सिंह का भी जिक्र किया. अर्शदीप सीमित ओवरों के प्रारूप में भारत के लिए खेल चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना है. मॉर्कल ने उनकी मेहनत और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता की सराहना की. हालांकि, टेस्ट टीम में उनके चयन को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है.
भारत ने शुरुआती दो टी20 मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली थी. ऐसे में टीम की नजर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन पर भी रहेगी. भुवनेश्वर के लिए अगला मुकाबला वापसी को प्रभावशाली बनाने का मौका होगा, जबकि मॉर्कल का भरोसा बताता है कि टीम प्रबंधन अनुभवी गेंदबाज को जल्दबाजी में आंकने के पक्ष में नहीं है.