जॉन टर्नर ने लगातार चोटों से परेशान होकर क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया. वह जून 2025 के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेल सके हैं. पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण वह एक साल से ज्यादा समय से मैदान से बाहर हैं. चोट की समस्या और अपने पुराने फिटनेस रिकॉर्ड को देखते हुए टर्नर ने अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू किया और आखिरकार संन्यास लेने का फैसला किया.
हैम्पशायर से शुरू हुआ सफर
जॉन टर्नर ने 2021 में सफल ट्रायल के बाद हैम्पशायर क्रिकेट क्लब से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की थी. 2023 के वाइटैलिटी ब्लास्ट में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें पहचान दिलाई. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 11 मैचों में 21 विकेट लिए थे. इसके बाद उन्हें पहली बार इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया. टर्नर ने बाद में इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाई और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने का मौका मिला.
बचपन का सपना पूरा होने के बाद लिया फैसला
संन्यास की घोषणा करते हुए जॉन टर्नर ने कहा कि प्रोफेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना उनका बचपन का सपना था. उन्होंने इंग्लैंड और हैम्पशायर के लिए खेलकर इस सपने को पूरा किया. टर्नर ने कहा कि एक साल से ज्यादा समय तक बाहर रहने वाली चोट और उनकी लगातार चोटों ने उन्हें भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर किया. उन्होंने हैम्पशायर का भी आभार जताया और कहा कि क्लब ने उन पर भरोसा दिखाया, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे.