भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज कुलदीप यादव को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे जाने के बाद एक बार फिर उनके करियर को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सवाल यह है कि क्या कुलदीप यादव को ड्रॉप करने के लिए बीमारी का बहाना बनाया जा रहा है? क्या कुलदीप यादव का टेस्ट करियर अब खतरे में हैं. इन्हीं सवालों ने कुलदीप यादव के फैंस की धड़कनें बढ़ा दी हैं. हालांकि बीसीसीआई और बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कुलदीप की गैरमौजूदगी की वजह वायरल बुखार को बताया है, लेकिन टीम मैनेजमेंट के बयानों में दिख रहे विरोधाभास ने क्रिकेट प्रशंसकों और दिग्गजों के बीच नई बहस छेड़ दी है. क्या लगातार नजरअंदाज किए जा रहे कुलदीप का टेस्ट करियर वाकई अब खतरे में है या बात सिर्फ फिटनेस तक सीमित है? आइए जानते हैं पूरा माजरा.
कुलदीप यादव की जगह सारांश जैन को मिला मौका
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम एक बदलाव के साथ मैदान पर उतरी. इस मुकाबले में स्पिनर कुलदीप यादव की जगह सारांश जैन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, जिससे सारांश ने अपने टेस्ट करियर का डेब्यू किया. बीसीसीआई (BCCI) के मुताबिक, कुलदीप यादव वायरल इन्फेक्शन से जूझ रहे हैं और पूरी तरह फिट न होने की वजह से उन्हें इस मैच से बाहर रखा गया है.
‘बीमारी का झूठा बहाना बनाने की जरूरत नहीं’
पीटीआई के अनुसार, पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद जब भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक से कुलदीप को बाहर रखने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति साफ की. कोटक ने कहा कि कुलदीप को वायरल बुखार था, इसी वजह से वे दूसरे टेस्ट में नहीं खेल सके.
उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को किसी भी खिलाड़ी को बाहर रखने के लिए बीमारी का झूठा बहाना बनाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.
हालांकि, सितांशु कोटक का यह बयान टीम के बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले के बयान से थोड़ा अलग नजर आया. मैच से दो दिन पहले बहुतुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कुलदीप यादव ने थकान के कारण प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा नहीं लिया था.
गाले से कोलंबो आते ही हो गया था बुखार
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में कुलदीप यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. इसके बाद से ही कोलंबो टेस्ट में उनके खेलने पर संशय बना हुआ था. बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने खुलासा किया कि गाले से कोलंबो पहुंचते ही कुलदीप को वायरल बुखार हो गया था, जिसकी वजह से वे चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे.
कोटक ने कहा, ‘अगर टीम को स्पिनर की जरूरत हो और वह न खेल पा रहा हो, तो हमें बीमारी का बहाना बनाने की कोई जरूरत नहीं है. जब खिलाड़ी खेलने की स्थिति में ही नहीं था, तो ऐसे में इस बात पर बहस करने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि वे फिट होते तो खेलते या नहीं.’