शताब्दी एक्सप्रेस में नशे की हालत में यात्रा करते समय कथित तौर पर हंगामा करने और यात्रियों को परेशान करने के आरोप में धनबाद रेलवे स्टेशन पर एक पुलिस अधिकारी को हिरासत में लिया गया. यह घटना ट्रेन संख्या 12020 के कोच सी-7 में घटी, जो रांची से हावड़ा जा रही थी.
यात्री की पहचान बिहार के भोजपुर निवासी पृथ्वी नाथ ठाकुर के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं. बाद में उनके बैग से शराब की पांच बोतलें बरामद की गईं. ट्रेन बोकारो से निकलकर धनबाद की ओर जा रही थी.
चंद्रपुरा के पास यात्रियों से शिकायत प्राप्त हुई
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चंद्रपुरा के पास कुछ यात्रियों ने एक सहयात्री के दुर्व्यवहार की शिकायत की. शिकायत कोच सी-7 से संबंधित थी. गड़बड़ी की सूचना मिलने पर एस्कॉर्ट टीम कोच पर पहुंची. टीम ने स्थिति का जायजा लिया और ठाकुर को हिरासत में ले लिया. इसके बाद तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान यात्री के बैग से शराब की पांच बोतलें बरामद हुईं। हिरासत में लिए गए यात्री को लेकर ट्रेन धनबाद जंक्शन की ओर रवाना हो गई.
यात्री को धनबाद जीआरपी को सौंप दिया गया
शताब्दी एक्सप्रेस के धनबाद जंक्शन पहुंचते ही यात्री को सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया. एस्कॉर्ट टीम के प्रभारी हेड कांस्टेबल मुकेश आनंद कुमार राय ने जीआरपी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. शिकायत और बरामद शराब के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस मामले ने ट्रेनों में शराब की आवाजाही, विशेष रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले मार्गों पर, को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
धनबाद में इससे पहले भी 39 लीटर शराब की गई थी जब्त
एक अलग घटना में, आरपीएफ की विशेष कार्य टीम ने ऑपरेशन सतर्क के तहत धनबाद रेलवे स्टेशन पर दो लोगों को गिरफ्तार किया. टीम ने लगभग 39 लीटर विदेशी शराब बरामद की, जिसकी कीमत कथित तौर पर 27,240 रुपये है. बोतलों पर “केवल पश्चिम बंगाल में बिक्री के लिए” का लेबल लगा हुआ था.
संदिग्धों की पहचान रौशन कुमार (35) और गुलशन कुमार (32) के रूप में हुई, दोनों बिहार के लखीसराय निवासी हैं. दून एक्सप्रेस की जाँच के दौरान प्लास्टिक की बोरियों और थैलियों से शराब बरामद की गई. जब्त की गई शराब को आगे की कार्रवाई के लिए धनबाद उत्पाद शुल्क विभाग को सौंप दिया गया.