एक महिला कंटेंट क्रिएटर ने दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रोटेस्ट के दौरान नेहा बोरा की हिरासत की रिकॉर्डिंग करते समय उन पर हमला किया, उन्हें गलत तरीके से छुआ और धक्का दिया. उनके इस आरोप के बाद से पुलिस बल में महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
महिला ने दावा किया कि एसीपी विवेक भगत ने प्रदर्शनकारी नेहा बोरा की हिरासत की रिकॉर्डिंग करते समय उन पर हमला किया. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत
कथित घटना के बाद, महिला ने बताया कि वह FIR दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन गई थी. उसने दावा किया कि वह लगभग साढ़े तीन घंटे तक पुलिस स्टेशन में इंतजार करती रही, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई. हालांकि, पुलिस ने पुष्टि की कि शिकायत दर्ज कर ली गई है. बाद में एक अधिकारी ने पुलिस स्टेशन के बाहर जमा लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शिकायत की जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी. पुलिस की इस प्रतिक्रिया की आलोचना हो रही है और सेवारत अधिकारियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायतों के निपटारे पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
राजनीतिक नेताओं ने पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए
One of the protestor in Delhi today was sexually abused by a male police official and when she went to file complaint, Delhi police DCP asked her to not escalate the matter. This is how Delhi police is saving its erring official. Women in Delhi are protesting for safety but their own officials are busy harassing women. Shame.
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 3, 2026
इस घटना के बाद कई नेताओं ने भी दिल्ली पुलिस की आलोचना की है. विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि पुलिस अधिकारी द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला को अपनी शिकायत पर कार्रवाई के लिए घंटों इंतजार क्यों करना पड़ा. उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच और आरोप सही पाए जाने पर जवाबदेही की मांग की.