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Sukesh Chandrashekar Case: इस बार जज को ही दिया चकमा! जैकलीन को महंगे गिफ्ट देने वाले EX बॉयफ्रेंड का जेल से बड़ा खेल; फोन हाथ लगते ही किया कांड

Sukesh Chandrashekar Case: दिल्ली कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर फोन करने और जमानत के लिए दबाव डालने के मामले में दोषी ठहराया. उसने कांस्टेबल के फोन से जज को कॉल किया था.

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Last Updated: August 26, 2026 14:14:13 IST

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Sukesh Chandrashekar Case: दिल्ली की एक कोर्ट ने धोखेबाज सुकेश चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज का रूप धारण करने और कथित तौर पर एक ज्यूडिशियल ऑफिसर पर उसे बेल देने के लिए दबाव डालने के आरोप में दोषी ठहराया है. तीस हजारी कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने चंद्रशेखर को इंडियन पीनल कोड की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी पाया.

जज को किया जेल से कॉल

अभियोजन पक्ष के केस के अनुसार, चंद्रशेखर ने कांस्टेबल मंजीत के मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया और उसका इस्तेमाल ज्यूडिशियल ऑफिसर के ऑफिशियल लैंडलाइन के साथ-साथ उनके पर्सनल मोबाइल नंबर पर भी कॉल करने के लिए किया. कॉल करने वाले ने शुरू में खुद को सुप्रीम कोर्ट के एक जज का पर्सनल सेक्रेटरी बताया.

बेल देने के लिए डाला दबाव 

इसके बाद एक और व्यक्ति कॉल पर आया, उसने खुद को जज होने का दावा किया और कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से कॉल कर रहा है. कॉल करने वाले ने कथित तौर पर ज्यूडिशियल ऑफिसर को चंद्रशेखर को तुरंत बेल या अंतरिम बेल पर रिहा करने का निर्देश दिया. साथ ही नतीजे भुगतने की भी धमकी दी.

ये भी पढ़ें:  IND VS SL: क्या फॉलोऑन देकर भी हार सकती है टीम इंडिया? ऑस्ट्रेलिया से लेकर इंग्लैंड तक ओवर कॉन्फिडेंस में डूब चुकी है इन टीमों की नैया

चंद्रशेखर के पास कांस्टेबल के फोन का एक्सेस

इसके बाद ज्यूडिशियल ऑफिसर ने सुप्रीम कोर्ट से संपर्क किया और संबंधित जज के असली प्राइवेट सेक्रेटरी से बात की. उसे बताया गया कि जज ने ऐसा कोई कॉल नहीं किया था और जिस व्यक्ति की पहचान उनके सेक्रेटरी के तौर पर हुई, वह उनके ऑफिस में काम नहीं करता था. ट्रायल कोर्ट ने ज्यूडिशियल ऑफिसर की गवाही को सही पाया और कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सबूतों से यह साबित होता है कि चंद्रशेखर के पास कांस्टेबल के फोन का एक्सेस था.

ये भी पढ़ें: Aryavir Sehwag Batting Video: जैसे पिता वैसा बेटा! आर्यवीर सहवाग ने जड़े वीरेंद्र सहवाग जैसे शॉट्स, वीडियो हो रहा वायरल

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Sukesh Chandrashekar Case: दिल्ली की एक कोर्ट ने धोखेबाज सुकेश चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज का रूप धारण करने और कथित तौर पर एक ज्यूडिशियल ऑफिसर पर उसे बेल देने के लिए दबाव डालने के आरोप में दोषी ठहराया है. तीस हजारी कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने चंद्रशेखर को इंडियन पीनल कोड की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी पाया.

जज को किया जेल से कॉल

अभियोजन पक्ष के केस के अनुसार, चंद्रशेखर ने कांस्टेबल मंजीत के मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया और उसका इस्तेमाल ज्यूडिशियल ऑफिसर के ऑफिशियल लैंडलाइन के साथ-साथ उनके पर्सनल मोबाइल नंबर पर भी कॉल करने के लिए किया. कॉल करने वाले ने शुरू में खुद को सुप्रीम कोर्ट के एक जज का पर्सनल सेक्रेटरी बताया.

बेल देने के लिए डाला दबाव 

इसके बाद एक और व्यक्ति कॉल पर आया, उसने खुद को जज होने का दावा किया और कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से कॉल कर रहा है. कॉल करने वाले ने कथित तौर पर ज्यूडिशियल ऑफिसर को चंद्रशेखर को तुरंत बेल या अंतरिम बेल पर रिहा करने का निर्देश दिया. साथ ही नतीजे भुगतने की भी धमकी दी.

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चंद्रशेखर के पास कांस्टेबल के फोन का एक्सेस

इसके बाद ज्यूडिशियल ऑफिसर ने सुप्रीम कोर्ट से संपर्क किया और संबंधित जज के असली प्राइवेट सेक्रेटरी से बात की. उसे बताया गया कि जज ने ऐसा कोई कॉल नहीं किया था और जिस व्यक्ति की पहचान उनके सेक्रेटरी के तौर पर हुई, वह उनके ऑफिस में काम नहीं करता था. ट्रायल कोर्ट ने ज्यूडिशियल ऑफिसर की गवाही को सही पाया और कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सबूतों से यह साबित होता है कि चंद्रशेखर के पास कांस्टेबल के फोन का एक्सेस था.

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