मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर बनाने के लिए राज्य में 400 से अधिक और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे. सम्राट चौधरी का कहना है कि इससे बिहार के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए घर छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा.
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि 9 अगस्त तक इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी पूर्ण कर ली जाएगी. राज्य में शिक्षकों के नौ हजार पदों का सृजन किया गया है. बता दें कि सम्राट चौधरी संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जन्मतिथि वर्ष पर ज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
हर जिले में बनेगा सावित्रीबाई फुले आवासीय छात्रावास
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अनुसूचित जातियों की बेटियों को शिक्षा के लिए गांव से बाहर जाने में कठिनाई होती थी. इसे ध्यान में रखते हुए अब बिहार के सभी जिलों में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर आवासीय छात्रावास के साथ विद्यालय खोले खोले जाएंगे. सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि मदरसों पर जितना ध्यान दिया जाता है, उतना ही ध्यान संस्कृत शिक्षा पर भी दिया जाएगा.
सरकारी स्कूल में पढ़ें मंत्री-विधायक के बच्चे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले एक-दो वर्षों में ऐसी व्यवस्था बनाने का लक्ष्य है जिससे मंत्री, विधायक और जिला पदाधिकारियों के बच्चे भी सरकारी विद्यालयों में पढ़ें. जब सक्षम परिवारों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ने लगेंगे, तभी यह माना जाएगा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव आया है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रात 11 बजे भी आनलाइन शिक्षक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. इस व्यवस्था को 15 अगस्त से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.
10 तक सभी कॉलेजों में शिक्षकों की होगी उपलब्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी भी अब दूर की जाएगी. 10 तारीख तक डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. टीआरई-4 के तहत करीब 32 हजार शिक्षकों की बहाली की जा रही है. भागलपुर में प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित किया जाएगा. इसके लिए करीब 220 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है और अगले एक वर्ष में इसे धरातल पर उतारने का काम शुरू हो जाएगा.