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बिहार में दर्दनाक हादसा: घर की लिपाई के लिए मिट्टी लेने गईं 3 बच्चियां जिंदा दफन, दो सगी बहनों की भी मौत

Bihar News: बिहार के किशनगंज जिले में दर्दनाक हादसा हो गया है. इस हादसे में तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई है. बच्चियां घर को लीपने के लिए मिट्टी लेने गई थीं, जहां मिट्टी खिसकने से उनकी मौत हो गई.

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Published: November 4, 2026 16:23:52 IST
Last Updated: November 4, 2026 16:23:52 IST

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Bihar News: बिहार के किशनगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. घर की लिपाई-पोताई के लिए तीन मासूम बच्चियां मिट्टी लेने निकलीं थीं, इसके बाद वे कभी वापस घर नहीं लौटीं. गांव के पास मिट्टी निकालते समय अचानक एक बड़ा टीला भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा. तीनों बच्चियां मिट्टी के नीचे दब गईं. इस हादसे में तीनों की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है.

मिट्टी निकालते समय हुआ हादसा

यह दर्दनाक घटना बुधवार को किशनगंज जिले की दिघलबैंक पंचायत के सुल्तानगंज गांव में हुई. जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चियां घरों की लिपाई-पोताई के लिए मिट्टी लेने गांव के पास गई थीं. ग्रामीण इलाकों में आज भी घरों की दीवारों की लिपाई के लिए मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है. इसी काम के लिए बच्चियां मिट्टी खोद रही थीं. तभी अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और तीनों उसके नीचे दब गईं.

चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण

मिट्टी का टीला गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. इसके बाद लोगों ने बिना देर किए मिट्टी हटाकर बच्चियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. एक साथ तीन मासूमों की जान जाने से गांव के लोग सदमे में हैं.

दो सगी बहनों की भी गई जान

हादसे में जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान 10 वर्षीय नगमा प्रवीण, 9 वर्षीय निशा प्रवीण और 8 वर्षीय रूबी खातून के रूप में हुई है. नगमा और निशा सगी बहनें थीं, जबकि रूबी खातून फरियाद आलम की बेटी थी. दो बहनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वहीं, रूबी के घर में भी चीख-पुकार मची हुई है.

पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह और वार्ड सदस्य प्रतिनिधि समेत कई लोग पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी. बताया जा रहा है कि बच्चियों के परिवारों ने पोस्टमार्टम कराने और आगे की कानूनी प्रक्रिया से इनकार कर दिया. इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. जिस मिट्टी से घर सजाने की तैयारी थी, उसी मिट्टी ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं.

ये भी पढ़ें: Watch Video: लखनऊ में मंगल बाजार में बवाल, दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा; महिला समेत 3 गिरफ्तार

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Last Updated: November 4, 2026 16:23:52 IST

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Bihar News: बिहार के किशनगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. घर की लिपाई-पोताई के लिए तीन मासूम बच्चियां मिट्टी लेने निकलीं थीं, इसके बाद वे कभी वापस घर नहीं लौटीं. गांव के पास मिट्टी निकालते समय अचानक एक बड़ा टीला भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा. तीनों बच्चियां मिट्टी के नीचे दब गईं. इस हादसे में तीनों की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है.

मिट्टी निकालते समय हुआ हादसा

यह दर्दनाक घटना बुधवार को किशनगंज जिले की दिघलबैंक पंचायत के सुल्तानगंज गांव में हुई. जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चियां घरों की लिपाई-पोताई के लिए मिट्टी लेने गांव के पास गई थीं. ग्रामीण इलाकों में आज भी घरों की दीवारों की लिपाई के लिए मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है. इसी काम के लिए बच्चियां मिट्टी खोद रही थीं. तभी अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और तीनों उसके नीचे दब गईं.

चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण

मिट्टी का टीला गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. इसके बाद लोगों ने बिना देर किए मिट्टी हटाकर बच्चियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. एक साथ तीन मासूमों की जान जाने से गांव के लोग सदमे में हैं.

दो सगी बहनों की भी गई जान

हादसे में जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान 10 वर्षीय नगमा प्रवीण, 9 वर्षीय निशा प्रवीण और 8 वर्षीय रूबी खातून के रूप में हुई है. नगमा और निशा सगी बहनें थीं, जबकि रूबी खातून फरियाद आलम की बेटी थी. दो बहनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वहीं, रूबी के घर में भी चीख-पुकार मची हुई है.

पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह और वार्ड सदस्य प्रतिनिधि समेत कई लोग पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी. बताया जा रहा है कि बच्चियों के परिवारों ने पोस्टमार्टम कराने और आगे की कानूनी प्रक्रिया से इनकार कर दिया. इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. जिस मिट्टी से घर सजाने की तैयारी थी, उसी मिट्टी ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं.

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