लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव आये दिन किसी न किसी वजह से विवाद में रहते हैं. हाल ही में उन पर अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने साजिश करने का आरोप लगाया है.
आकाश यादव ने पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि जब वो अपनी बहन अनुष्का यादव की बेटी उज्जैनी का महाकाल मंदिर में अन्नप्राशन कराने के बाद घर लौटे तो एक नकाबपोश व्यक्ति उनके फ्लैट पर आया था. उन्होंने इसके पीछे तेज प्रताप की साजिश की आशंका जताई है.
दरवाजा खुलते ही दिखा नकाबपोश
आकाश द्वारा थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, 20 अगस्त की दोपहर करीब 3:50 बजे उनके फ्लैट के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी. जब उन्होंने दरवाजा खोला तो कंधे पर बैग लिए एक नकाबपोश व्यक्ति सामने खड़ा था. आकाश को खतरा महसूस हुआ इस वजह से उन्होंने तत्काल दरवाजा बंद कर दिया और सोसायटी के गार्ड को सूचना दी. जैसे ही गार्ड ऊपर पहुंचा संदिग्ध व्यक्ति वहां से भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया. गार्ड ने उससे नकाब हटाने और विजिटर रजिस्टर में नाम-पता दर्ज करने को कहा.
रजिस्टर में लिखी गलत जानकारी
दर्ज शिकायत के अनुसार, संदिग्ध ने रजिस्टर में ‘विश्वजीत’ नाम और एक मोबाइल नंबर दर्ज किया था. नंबर गलत होने का शक होने पर गार्ड ने उससे पूछताछ की. पुलिस में शिकायत करने की बात कहे जाने पर उसने दूसरा मोबाइल नंबर दर्ज किया और वहां से चला गया.
सीसीटीवी देखकर लगाया करीबी होने का आरोप
आकाश यादव का दावा है कि बाद में सोसायटी का सीसीटीवी फुटेज देखने पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान विकास कुमार उर्फ पोता के रूप में हुई. आकाश ने आरोप लगाया कि विकास यादव, तेजप्रताप यादव का करीबी रिश्तेदार है. इसी आधार पर उन्होंने घटना के पीछे साजिश और हमले की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है. हालांकि सीसीटीवी में दिख रहा व्यक्ति वही है या नहीं और वह वहां किस मकसद से पहुंचा था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. पाटलिपुत्र थानेदार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिला है और तकनीकी जांच भी कराई जाएगी.