बिहार पुलिस की कमान अस्थायी रूप से वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा के हाथों में सौंपी गई है. राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक 21 दिनों की छुट्टी पर गए हैं. गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, विनय कुमार की अनुपस्थिति में 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी दी गई है. विनय कुमार के लौटने तक प्रीता वर्मा डीजीपी कार्यालय की सभी प्रमुख जिम्मेदारियों को संभालेंगी.
1991 बैच की IPS अधिकारी हैं प्रीता वर्मा
प्रीता वर्मा मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं और उन्होंने बी.ए. (B.A.) की पढ़ाई की है. वे UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर 11 अक्टूबर 1992 को सीधे IPS सेवा में शामिल हुई थीं. पुलिस सेवा में 30 साल से अधिक का लंबा अनुभव होने के कारण वे बिहार कैडर के सबसे वरिष्ठ DG रैंक के अधिकारियों में गिनी जाती हैं.
गृह रक्षा वाहिनी (होम गार्ड्स) की DG हैं
प्रीता वर्मा वर्तमान में बिहार गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवाएं (Home Guards and Fire Services) की महानिदेशक (DG) के पद पर तैनात हैं. जुलाई 2026 में हुए प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें यह पद सौंपा गया था.
इससे पहले वे ‘बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम’ में अपनी सेवाएं दे रही थीं. कार्यवाहक डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद भी वे अपने मूल पद (DG Home Guards) की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी.
15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक संभालेंगी जिम्मेदारी
गृह विभाग के अनुसार, डीजीपी विनय कुमार ने व्यक्तिगत और स्वास्थ्य कारणों से 21 दिनों की छुट्टी ली है. इस अवधि में पुलिस मुख्यालय में डीजीपी स्तर के सभी प्रशासनिक और नीतिगत फैसले प्रीता वर्मा के मार्गदर्शन में लिए जाएंगे.
राष्ट्रपति पुलिस पदक से हो चुकी हैं सम्मानित
प्रीता वर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है. स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने उन्हें इस पदक से सम्मानित किया था. उस समय वे DG (ट्रेनिंग) के पद पर कार्यरत थीं. इससे पहले 2009 में भी उन्हें पुलिस पदक प्रदान किया गया था.
क्या आगे स्थाई DGP बनेंगी?
प्रीता वर्मा 2023 में DG (ट्रेनिंग) के पद पर रह चुकी हैं और बिहार कैडर के 1991 बैच के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं. वर्तमान में बिहार के नए स्थाई डीजीपी के चयन को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में चर्चा जारी है. हालांकि, अस्थायी रूप से कार्यवाहक डीजीपी का प्रभार मिलना और स्थाई डीजीपी नियुक्त होना दो अलग बातें हैं. फिलहाल प्रीता वर्मा विनय कुमार की छुट्टी के दौरान ही इस पद का प्रभार संभाल रही हैं.