Chhattisgarh News: राजधानी रायपुर में शिक्षा जगत का एक भव्य और गौरवशाली समागम आयोजित हुआ, जहां नवाचारी गतिविधियां समूह भारत की छत्तीसगढ़ टीम द्वारा प्रदेशभर के चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया. यह कार्यक्रम प्रो. जे.एन. पाण्डेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय (हिन्दी माध्यम) के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही.
समारोह में अतिथि के रूप में समग्र शिक्षा रायपुर के उप संचालक ए.के. शास्वत, माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के उप सचिव डॉ. बी. रघु, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के 146 विकासखंडों से चयनित 160 शिक्षकों को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया.
किस-किस को मिला सम्मान?
इस अवसर पर सूरजपुर जिले के लिए विशेष गौरव का क्षण रहा, जब जिले के छह शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हुए यह सम्मान प्राप्त किया. इनमें सूरजपुर विकासखंड से मनोहर लाल दर्पण (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लटोरी), ओड़गी से रामकुमार कुशवाहा (शासकीय प्राथमिक शाला चपदा), प्रतापपुर से सोना सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटया), रामानुजनगर से अशोक कुमार शाक्य तथा भैयाथान से मुरलीधर चक्रधारी शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त कुंजलाल यादव (जनशिक्षक एवं विकासखंड सचिव, भारत स्काउट एवं गाइड्स ओड़गी) को कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष सहयोग के लिए अलग से सम्मानित किया गया
शिक्षकों की ओर से किए जा रहे ये काम
इन शिक्षकों ने विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, ईमानदारी, अनुशासन, मितव्ययिता, प्रकृति प्रेम और सहयोग जैसे गुणों का विकास किया है. विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने हेतु यातायात नियमों के पालन के लिए जनजागरूकता रैली, मतदान केंद्रों में स्वयंसेवा, नवरात्रि में देवी धाम में सेवा कार्य तथा भीषण गर्मी में राहगीरों को शीतल जल और खाद्य सामग्री वितरण जैसे कार्य निरंतर किए जा रहे हैं.
कार्यक्रम को सफल बनाने में नवाचारी समूह प्रमुख संजीव कुमार सूर्यवंशी एवं सभी जिलों के एडमिन समूह की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं इन शिक्षकों के मार्गदर्शन में सेजेस उत्कृष्ट विद्यालय बतरा के प्राचार्य एवं जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) गोवर्धन सिंह का भी उल्लेखनीय योगदान रहा.
सूरजपुर जिले के लिए यह सम्मान न केवल गर्व का विषय है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामाजिक सरोकारों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.
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