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Delhi Police Firing Case: दिल्ली में बिहार के खगड़िया ज़िले के रहने वाले पांडव कुमार और उनके साथी की हुई दर्दनाक हत्या का मामला अब एक बड़े विवाद का रूप लेता जा रहा है. मृतक के पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है और घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है. पांडव के परिजनों ने केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार से बिहारी मजदूरों को सुरक्षा देने और पाण्डव हत्या मामले में न्याय दिलाने की मांग किए हैं.
इस दोहरी हत्या पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए, सांसद राजेश रंजन (उर्फ पप्पू यादव) घटनास्थल पर पहुंचे, पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए, उन्होंने दिल्ली पुलिस के रवैये और भाजपा-शासित राज्यों में रहने वाले बिहार के निवासियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि, खगड़िया सदर प्रखंड के खरगी तिरासी गांव निवासी पांडव कुमार दिल्ली में एक कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करता था. बीते 26 अप्रैल की रात अपने दोस्त के बेटे के जन्मदिन पार्टी से अपने आवास की ओर बाइक से अपने एक अन्य दोस्त के साथ लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल दक्षिणी रेंज के हेड कांस्टेबल नीरज कुमार से किसी बात को लेकर बकझक हुई।इसी दौरान नीरज ने अपने पिस्टल से पांडव और उसके दोस्त कृष्ण कुमार को गोली मार दी. जिसमें 21 साल के पांडव कुमार की मौके पर मौत हो गई. जबकि कृष्ण कुमार घायल है. मृतक पांडव के परिजनों का आरोप है कि बिहारी नाम सुनते ही दिल्ली कांस्टेबल नीरज ने दोनों पर गोली चला दी.
‘बिहारी’ कहकर अपमानित किया, फिर गोली मार दी
दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के आधार पर घटना का विवरण साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात, दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नीरज कुमार ने दोनों युवकों को अपमानजनक शब्दों से गालियां दीं उन्हें बिहारी कहकर संबोधित किया और उसके बाद उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. पप्पू यादव ने इस कृत्य को सत्ता के अहंकार और क्षेत्रीय द्वेष का सीधा परिणाम बताया. कड़े शब्दों में बात करते हुए, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि खाकी वर्दी की आड़ लेकर आम नागरिकों और विशेष रूप से बिहार के युवाओं को इस तरह से निशाना बनाना, किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.