5
दिल्ली के बिजली नियामक ने तीन वितरण कंपनियों को जून महीने के लिए अतिरिक्त ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार लगाने की अनुमति दे दी है, जिससे शहर में बिजली उपभोक्ताओं पर शुल्क 7-8 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाएगा.
यह अतिरिक्त सरचार्ज निर्धारित 10 प्रतिशत FPPAS के अतिरिक्त होगा और इसे अगले बिलिंग चक्र में शामिल किया जाएगा. बता दें कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग अब मासिक आधार पर सरचार्ज में संशोधन करता है.
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
अलग-अलग आवेदनों में, BRPL, BYPL और TPDDL ने छूट की मांग करते हुए कहा कि जून के लिए वास्तविक बिजली खरीद लागत स्वीकृत आधार बिजली खरीद लागत की तुलना में “काफी” बढ़ गई है. इन वितरण कंपनियों ने जून के लिए क्रमशः 31.64 प्रतिशत, 24.02 प्रतिशत और 23.71 प्रतिशत की एफपीपीएएस (बिजली खरीद दर) की मांग की है. इससे बिजली बिल बढ़ जायेगा, जिसका सीधा असर ग्राहकों के बजट पर पड़ेगा. जानकारी के अनुसार इससे बिजली का बिल 7-8 प्रतिशत अधिक आएगा. हालांकि 200 यूनिट फ्री बिजली का नियम अभी भी बरकरार है. इस पर कोई बिजली बिल नहीं लगेगा.
कितना प्रतिशत बढ़ेगा सरचार्ज
अपने 10 अगस्त के आदेश में, आयोग ने कहा कि डिस्कॉम को जून माह के लिए बीआरपीएल से 7.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल से 7.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएल से 8.50 प्रतिशत का अतिरिक्त अधिभार वसूलने की अनुमति दी जाएगी. तदनुसार, बीआरपीएल के लिए कुल अनुमत FPPAS 17.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 17.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएल के लिए 18.50 प्रतिशत है. इस आदेश में यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त FPPAS की अनुमति इसलिए दी गई है ताकि वितरण कंपनियां बिजली खरीद लागत में हुई वृद्धि का कम से कम एक उचित हिस्सा वसूल कर सकें.
बता दें कि ईंधन और बिजली खरीद लागत में होने वाले परिवर्तनों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए नियामक आयोगों द्वारा एफपीपीएएस (अतिरिक्त शुल्क) निर्धारित किया जाता है. यह अधिभार बिजली बिल में निश्चित शुल्क और ऊर्जा शुल्क, या खपत की गई इकाइयों के प्रतिशत के रूप में गणना किया जाता है.