कांग्रेस ने पिछले दिनों गुना के एक होटल में कुछ लड़कियों के साथ पकडे़ गए राजगढ़ जिले के ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल दांगी को पार्टी से निष्कासित कर दिया. मध्यप्रदेश में कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि दांगी पिछले दिनों अनैतिक कार्यों में संलिप्त पाए गए और इस तरह के कार्यों का पार्टी हमेशा विरोध करती है.
उन्होंने कहा, ‘इस तरह के कार्यों का कांग्रेस पार्टी में कोई स्थान नहीं है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार राहुल दांगी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है.’
होटल में पकड़े गए तीन लोग
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी की थी. चूंकि तीनों लड़कियां बालिग थीं और कोई शिकायतकर्ता न होने से पुलिस ने उन्हें तहसील में पेश किया, जहां से जमानत मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. हालांकि कांग्रेस नेता राहुल दांगी की काफी किरकिरी हुई और उन्हें से निष्कासित कर दिया गया.
क्या है पूरा मामला
गुना जिले के चाचौड़ा स्थित एक होटल में पुलिस ने शनिवार को छापेमारी की तो तो हड़कंप मच गया. शनिवार शाम को छापेमारी करते हुए पुलिस ने मनोहरथाना रोड स्थित होटल राज पैलेस में दबिश दी. पुलिस का कहना है कि करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि होटल में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और होटल के कमरों की जांच की. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान तीन जोड़ों को आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया. पुलिस की कार्रवाई से होटल में हड़कंप मच गया.
पुलिस के मुताबिक, तीन युवकों को युवतियों के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया, इनमें ब्यावरा के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल दांगी भी शामिल हैं. के बाद होटल मैनेजर पर भी केस दर्ज किया गया है. छापेमारी के दौरान कांग्रेस नेता ने खुद को पाक साफ बताते हुए सभी आरोपों को खारिज किया, कांग्रेसी नेता ने बताया कि वे सिर्फ चाय पीने के लिए होटल में रुके थे.
राहुल दांगी ने आरोपों को बताया निराधार
राहुल दांगी ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि वह राजस्थान के कामखेड़ा मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे और रास्ते में सिर्फ चाय पीने के लिए होटल पर रुके थे. दांगी के मुताबिक, होटल में उस समय हंगामा हुआ और पुलिस उन्हें भी अपने साथ ले गई. उन्होंने खुद को मामले में गलत तरीके से शामिल किए जाने का दावा किया है.
वहीं, युवतियों की ओर से शिकायत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने तीनों युवकों और होटल मैनेजर के खिलाफ शांति भंग करने की धाराओं में कार्रवाई की. सभी आरोपियों को तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई. राहुल दांगी को भी जमानत मिल गई है. हालांकि इस मामले में कांग्रेसी नेता का नाम सामने आने के बाद पार्टी की फजीहत हो रही थी. इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष ने दागी नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.