Indore ISBT: इंदौर में जिस जगह से यात्रियों को बसें पकड़नी थीं, वहां इन दिनों कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है. 100 करोड़ रुपये खर्च करके बनाया गया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल अभी तक यात्रियों के लिए बस सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहा है. वहां पर बसें तो नहीं लेकिन भंडारे का आयोजन जरूर हो गया. तस्वीरें सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस टर्मिनल को यातायात सुविधा के लिए बनाया गया था, उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है?
बसों का इंतजार में यात्री
मामला मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के कुमेड़ी इलाके में बने अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का है. इसे बनाने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं. इसे इस मकसद से तैयार किया गया था कि शहर में बसों का दबाव कम हो और यात्रियों को एक जगह से अंतरराज्यीय बसों की सुविधा मिल सकेगी. हालांकि दो साल से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद भी यहां पर बसें शुरू नहीं हो सकी हैं.
परिसर में लगा भंडारा
मंगलवार को इसी ISBT परिसर की कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया. यहां भंडारे का आयोजन किया गया था. लोग टर्मिनल के अंदर यात्रियों के लिए लगाई गई सीटों पर बैठकर खाना खाते नजर आए. इतना ही नहीं, परिसर के अंदर ही पूड़ियां बनाई गईं और लोगों को खाना परोसा गया. भंडारे की तस्वीरें सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने बड़े सरकारी बस टर्मिनल में इस आयोजन की अनुमति किसने दी? मामले को लेकर अब अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस भंडारे के बारे में जानकारी नहीं मिली थी. वहीं स्थानीय लोगों की मानें, तो भंडारे में जनप्रतिनिधियों और पार्षदों के पहुंचे थे.
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